Mid day meal in UP: उत्तर प्रदेश में स्कूलों में पढ़ रहे सभी छात्रों को मिड-डे मील दिया जाता है। मिड-डे मील दोपहर का भोजन होता है। पहले इसकी मॉनिटरिंग नहीं की जाती थी, लेकिन अब विभाग ने इसकी मॉनिटरिंग करने का फैसला लिया है। जिस प्रकार स्कूल आने वाले शिक्षकों की रियल टाइम उपस्थिति देखी जा रही है, उसी प्रकार से अब स्कूलों में वितरित होने वाले मिड-डे मील की भी रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
यूपी में मिड-डे मील की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
दरअसल विभाग में डिजिटलाइजेशन चल रहा है, जिसके तहत मिड-डे मील के वितरण के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट बना कर ऑनलाइन सबमिट करनी होगी। बता दें कि स्कूलों में मिलने वाला मिड-डे मील के लिए निर्धारित सामग्री और धनराशि प्रदान की जाती है। शुरुआत में मिड-डे मील की रिपोर्ट मासिक तौर पर दर्ज की जाती है, जिसमें इससे संबंधित सारे अपडेट होते थे। लेकिन अब विभाग ने प्रतिदिन इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक, अब प्रतिदिन दोपहर के भोजन के बाद मिड-डे मील रजिस्टर, लाभार्थियों की संख्या, मेन्यू, खाद्यान्न, लागत में हुए बदलाव आदि की पूरी सूचना अपडेट की जाएगी।
किन शहरों में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट
मिड-डे मील की रियल टाइम मॉनिटरिंग की शुरुआत लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव व श्रावस्ती में होगी। आने वाले समय के साथ इस पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना तैयारी की जा रही है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग की आवश्यकता
मिड-डे मील की रियल टाइम मॉनिटरिंग का इसलिए की जा रही है ताकि ये जानकारी प्राप्त की जा सके की प्रतिदिन कितने बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। इससे बच्चे की अनुपस्थिति के बारे में भी जानकारी मिलेगी। यदि को कोई बच्चा दो या उससे अधिक दिन स्कूल नहीं आता है तो इसकी जानकारी भी विभाग के पास रहेगी। इतना ही नहीं बच्चों को मेन्यू के अनुसार मिलने वाले भोजन के वितरण की जानकारी विभाग को मिल पाएगी।
बच्चों को मिलेगी यूनिक पहचान संख्या
विभाग में चल रही डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया के तहत बच्चों के नामांकन के साथ उनका पूरा विस्तृत विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इस विस्तृत विवरण को प्रेरणा ऐप पर अपडेट किया जाएगा। इस ऐप पर नामांकन करने के बाद हर बच्चे को एक यूनिक पहचान संख्या मिलेगी। यूनिक पहचान संख्या के माध्यम से बच्चों को योजना का लाभ देने में और उसका आंकलन करने में सहूलियत मिलेगी।
