UP में स्क्रैप पॉलिसी का असर, 1.95 लाख से ज्यादा पुराने वाहन कबाड़ में बदले

यूपी में 2023 में लागू वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत 30 जून 2026 तक 1.95 लाख से अधिक पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप किया जा चुका है। इनमें 1.85 लाख प्राइवेट और 10 हजार से ज्यादा सरकारी वाहन शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार की वाहन स्क्रैपेज नीति (Vehicle Scrappage Policy) के तहत राज्य में 30 जून तक 1.95 लाख से ज्यादा पुराने और अनफिट वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (डिस्पोज) किया जा चुका है। इनमें 1.85 लाख से ज्यादा निजी वाहन और 10 हजार से अधिक सरकारी वाहन शामिल हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस नीति का मकसद सिर्फ पुरानी गाड़ियों को हटाना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना, प्रदूषण कम करना और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।

UP scrap policiy

यूपी सरकार की स्क्रैपेज नीति से 1.95 लाख पुराने वाहन हटे (सांकेतिक फोटो)

2023 में लागू हुई थी स्क्रैपेज नीति

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2023 में पुराने वाहनों को हटाने के लिए वाहन स्क्रैपेज नीति लागू की थी। गाड़ियों को स्क्रैप करने का पूरा काम केंद्र सरकार के 'V-Scrap पोर्टल' और 'VAHAN सिस्टम' के माध्यम से ऑनलाइन होता है, जिससे वाहन मालिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। परिवहन विभाग के अनुसार यूपी में कुल 101 अधिकृत 'रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज' (RVSF) पंजीकृत हैं, जिनमें से 50 सेंटर अभी पूरी तरह चालू हैं और 30 नए स्क्रैपिंग सेंटर खोलने की प्रक्रिया जारी है।

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