UP First Glass Bridge: उत्तर प्रदेश में पहला ग्लास ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है और अब जल्द ही पर्यटक इसका दीदार कर सकेंगे। यूपी का पहला ग्लास ब्रिज रानीपुर टाइगर रिजर्व के तुलसी जल प्रपात पर बना है। इस ग्लास ब्रिज को अब बस पर्यटकों का इंतजार है। यहां से जंगल, झरने और पहाड़ के शानदार नजारे दिखते हैं, मानों जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस ग्लास ब्रिज को धनुष-बाण का आकार दिया गया है, जो बेहद खास डिजाइनिंग का नमूना है। इस ग्लास ब्रिज से पर्यटक खुद को हवा में तैरते हुए महसूस करेंगे।
ग्लास ब्रिज।
कब होगा ग्लास ब्रिज का दीदार?
बता दें कि धनुषाकार ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात ये है कि तुलसी जल प्रपात पर बने ये ग्लास ब्रिज यूपी का पहला ग्लास स्काईवॉक ब्रिज है। ये ग्लास ब्रिज सिर्फ देश के लोगों को ही नहीं, बल्कि विदेशियों को भी आकर्षित करेगा। उद्घाटन के बाद इसे देखने देश-विदेश के लोग पहुंचेंगे।
क्यों खास है यूपी का पहला ग्लास ब्रिज?
इस ग्लास ब्रिज की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये धनुष-बाण की तरह दिखता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करने की वजह बन सकती है। बता दें कि इसे तैयार होने में करीब डेढ़ साल का समय लगा है। ग्लास ब्रिज में खाई की ओर बाण की लंबाई 25 मीटर है, जबकि दोनों पिलर के धनुष की चौड़ाई 35 मीटर है। इसे यूपी वन विभाग और पर्यटन विभाग ने मिलकर तैयार किया है और इस पर 3.70 करोड़ रुपये की लागत आई है।
कहां स्थित है यूपी का पहला ग्लास ब्रिज?
बता दें कि यूपी के पहले ग्लास ब्रिज का निर्माण बिहार के राजगीर में निर्मित ग्लास ब्रिज के तर्ज पर किया गया है। यह एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व के बीच टिकरिया बंभिया जंगल में बनकर तैयार हुआ है। इस ग्लास ब्रिज से ऋषि सरभंग आश्रम से निकली जलधारा और तुलसी जल प्रपात की छटा का मनोरम दृश्य दिखता है, जो पर्यटकों का मन मोह लेगा। यहां ऐसा नजारा है जैसे मानो आसमान जमीन पर आ गया हो।
