उत्तर प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली के कारण हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम योगी ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बारिश और बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए। सीएम ने प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के अंदर मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लेने को कहा है। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा गया है। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करें। उन्होंने NDRF, SDRF, PAC, पुलिस, राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है।
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
सीएम योगी ने नदियों के तटबंधों की 24 घंटे निगरानी और नियमित गश्त के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों द्वारा तटबंधों को नुकसान पहुंचाने की आशंका पर भी अलर्ट रहना जरूरी है।
पशुओं और लोगों की सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, समय पर टीकाकरण कराने, नदियों के चैनलाइजेशन का काम बिना रुकावट जारी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहरी इलाकों में खुले मैनहोल को तुरंत ढकने के लिए कहा गया है। आग से प्रभावित गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर देने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि आकाशीय बिजली के दौरान बिना वजह घर से बाहर न निकलें। भारी बारिश के समय नदियों और अन्य जलाशयों में नहाने या जाने से भी बचें। सोमवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कम बारिश दर्ज की गई है, वहां किसानों की सिंचाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नहरों, जलाशयों, सरकारी नलकूपों और अन्य सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
