UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। रविवार को लखनऊ के भाजपा मुख्यालय में हुई हाई-प्रोफाइल बैठकों और उसके तुरंत बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दिल्ली दौरे ने राज्य में कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि भाजपा के शीर्ष नेता इस समय पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी अभियानों में व्यस्त हैं, लेकिन यूपी को लेकर दिखाई गई यह दिलचस्प तेजी आने वाले 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों का संकेत मानी जा रही है।
यूपी में कैबिनेट विस्तार के संकेत (फाइल फोटो | PTI)
लखनऊ से दिल्ली तक बैठकों का दौर
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी मुख्यालय में राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें कीं। तावड़े ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महासचिव धर्मपाल सिंह और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ बंद कमरे में चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी से भी अलग-अलग राय ली। बैठकों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लखनऊ में चर्चा खत्म होते ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
कैबिनेट विस्तार और पश्चिमी यूपी पर फोकस
यूपी सरकार में फिलहाल मंत्रियों की कुल संख्या 54 है, जबकि नियम के अनुसार यह संख्या 60 तक हो सकती है। यानी योगी मंत्रिमंडल में अभी 6 रिक्तियां मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन साधने पर खास ध्यान दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष तीनों ही पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) से आते हैं। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है, जबकि संगठन से भी दो नए चेहरों को सरकार में भेजा जा सकता है।
संगठन में बदलाव और रुकी हुई नियुक्तियां
मंत्रिमंडल के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी फेरबदल की संभावना है। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से ही विभिन्न निगमों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां अटकी हुई हैं। विनोद तावड़े को इन नियुक्तियों के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। पूर्व में राज्य महिला आयोग के लिए कुछ विवादित नामों के चयन के कारण यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब केंद्रीय नेतृत्व इन लंबित फैसलों को जल्द से जल्द निपटाकर सरकार और संगठन को नई ऊर्जा देना चाहता है। भाजपा प्रवक्ता हीरो वाजपेयी ने हालांकि इन मुलाकातों को 'नियमित प्रक्रिया' बताया है, लेकिन लखनऊ के हजरतगंज स्थित भाजपा दफ्तर में उमड़ी नेताओं की भीड़ कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। अंतिम फैसला दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद ही होगा, जिसकी उम्मीद अगले कुछ दिनों में जताई जा रही है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
