Amreli Lion Temple: गुजरात के अमरेली जिले के राजुला क्षेत्र स्थित भेराई गांव में इंसान और शेर के बीच भावनात्मक रिश्ते की अनोखी मिसाल देखने को मिलती है। यहां ग्रामीणों ने दो दिवंगत शेरनियों की स्मृति को संजोने के लिए एक विशेष 'सिंह मंदिर' का निर्माण कराया है। विश्व शेर दिवस के अवसर पर इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाली शेरनियों की यादें हुईं अमर
'सुंदरी' और 'रूपसुंदरी' शेरनियों की याद में बना मंदिर
यह मंदिर 'सुंदरी' और 'रूपसुंदरी' नाम की दो शेरनियों की याद में बनाया गया है। बताया जाता है कि दोनों शेरनियों की मौत एक ट्रेन हादसे में हुई थी। हादसे के वक्त दोनों गर्भवती थीं। इस कारण दुर्घटना में शेरनियों के साथ उनके गर्भ में पल रहे शावकों की भी मौत हो गई थी। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों को गहरे तौर पर प्रभावित किया।
विश्व शेर दिवस पर में मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान
ग्रामीणों ने दोनों शेरनियों की याद को हमेशा जीवित रखने के उद्देश्य से उनके सम्मान में मंदिर बनाने का फैसला किया। आज यह स्थान न केवल श्रद्धा का केंद्र बन गया है, बल्कि वन्यजीवों और स्थानीय समुदाय के बीच मौजूद गहरे जुड़ाव की कहानी भी बयां करता है। विश्व शेर दिवस पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
'सिंह मंदिर' अब लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र
लोगों ने पूजा-अर्चना कर दिवंगत शेरनियों को श्रद्धांजलि दी और उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान ग्रामीणों ने शेरों के संरक्षण और उनके सुरक्षित जीवन के लिए भी प्रार्थना की। भेराई गांव का यह 'सिंह मंदिर' अब लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। यह पहल इस बात का प्रतीक है कि गुजरात के ग्रामीण इलाकों में शेर केवल जंगल का जीव नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और संस्कृति से जुड़ा हुआ हिस्सा भी हैं।
