Ujjain News: आज साल 2023 का आखिरी दिन है और सोमवार से नए साल की शुरुआत हो रही है। आज उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में साल की आखिरी भस्म आरती की गई। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर आए और बाबा महाकाल जी की भस्म आरती में शामिल हुए। बाबा महाकाल की आरती ब्रह्म मुहूर्त में सुबह के 4 बजे शुरू होती है। इस दौरान भस्म विलेपन के अलावा बाबा महाकाल का जलाभिषेक और पंचामृत महाभिषेक भी होता है। साल के आखिरी दिन भस्म आरती करके पुजारी जी ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की गई कि आने वाले साल में भी बाबा भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें। वहीं भक्तों ने प्रार्थना की कि आने वाला सबके जीवन में सुख समृधि लेकर आए।
महाकालेश्वर मंदिर में साल की आखिरी भस्म आरती (फोटो साभार - ANI)
कोने-कोने से उमड़े श्रद्धालु
रविवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए कोने-कोने से लोग मंदिर आए। उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में सुबह के चार बजे भस्म आरती की शुरुआत होती है। इसमें सबसे पहले बाबा महाकाल का जलाभिषेक होता है, कोटि तीर्थ के जल से यह अभिषेक किया जाता है। जिसके बाद पंचामृत महाभिषेक होता है, और विजया स्नान कराया जाता है। विजया स्नान में बाबा महाकाल को भांग से स्नान कराया जाता है। जिसके बाद रितु फलों से उनका अभिषेक होता है और चंदन कुमकुम से श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद बाबा महाकाल का भस्म से विलेपन होता है, यह कार्य मंदिर के महंत द्वारा होता है।
बाबा महाकाल के भस्म विलेपन के बाद उनकी धूप दीप आरती की गई, इसके बाद झांज डमरू और झांज की मधुर ध्वनि और श्रद्धालुओं की तालियां के साथ भस्म आरती शुरू की गई। इस दौरान भक्त बाबा महाकाल की आरती में मग्न हो गए। भक्तों ने बाबा महाकाल से आने वाले साल को आशीर्वाद लिया।
