Gujarat News: गुजरात हाई कोर्ट और सूरत सेशन कोर्ट को बम धमाके की धमकी भरे ईमेल भेजने के आरोप में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने चेन्नई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अदालत की कार्रवाई बाधित करने और लंबित मामले में एक आरोपी की कोर्ट में पेशी टालने के इरादे से कथित तौर पर धमकी भरे ईमेल भेजे थे।
48 घंटे में साइबर क्राइम ब्रांच ने सुलझाई पूरी साजिश
5 सितंबर को दो धमकी भरे ईमेल
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को सुबह 11:57 बजे और 11:59 बजे नए बनाए गए ईमेल आईडी से धमकी भरे ईमेल भेजे गए। इनमें गुजरात हाई कोर्ट और सूरत सेशन कोर्ट में बम धमाका होने का दावा किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने ईमेल से जुड़े तकनीकी डेटा की जांच शुरू की।
दोनों आरोपी पहले NDPS केस में जेल जा चुके
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गेहलोत ने आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय अशफाक और 33 वर्षीय राजेश उर्फ राज के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले लाजपोर जेल में साथ बंद थे। अशफाक के खिलाफ 512 ग्राम हाइब्रिड गांजा से जुड़े NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज था। वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद कथित तौर पर वापस जेल नहीं लौटा और फरार रहा। वहीं, राजेश के खिलाफ 100.260 ग्राम मेफेड्रोन से जुड़े NDPS मामले में केस दर्ज है।
गांजा सप्लायर की तलाश में चेन्नई पहुंचे थे
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बाद में गांजा सप्लायर की तलाश में चेन्नई गए थे। वहीं कथित तौर पर उन्होंने अदालतों को धमकी भरे ईमेल भेजने की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि धमकी भेजने का उद्देश्य दहशत पैदा करना, कोर्ट की कार्यवाही बाधित करना और अशफाक की लंबित कोर्ट पेशी से बचने में मदद करना था।
ट्रेन में बनाया नया ईमेल, होटल बदलते रहे
जांच में सामने आया कि अशफाक ने मुंबई से चेन्नई जाते समय ट्रेन में नया ईमेल आईडी बनाया था। चेन्नई पहुंचने के बाद दोनों अलग-अलग होटलों में ठहरे और लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए अलग-अलग नेटवर्क, दूसरे लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड SIM कार्ड और Wi-Fi कनेक्शन का इस्तेमाल किया।
48 घंटे में चेन्नई से पकड़े गए
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने ईमेल से जुड़े तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया और सर्विलांस के साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन चेन्नई में ट्रेस हुई। चेन्नई ATS की मदद से पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाके के एक होटल से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, धमकी भरे ईमेल भेजे जाने के 48 घंटे के भीतर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में कथित साजिश, धमकी भेजने के मकसद और आरोपियों के लंबित मामलों को लेकर आगे की जांच जारी है।
