मॉडल-एक्ट्रेस Twisha Sharma की मौत के मामले में उसकी सास और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर आज यानी शुक्रवार 16 अक्टूबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। CBI की चार्जशीट में दहेज मृत्यु से संबंधित आरोप हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप शामिल किए जाने के बाद जमानत याचिका पर बदली हुई कानूनी परिस्थितियों में विचार किया जाएगा। इससे पहले हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को जमानत आवेदन में संशोधन करने की अनुमति दी थी।
गिरिबाला सिंह की जमानत पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई
इस मामले में ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ी जांच और कानूनी कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। वहीं, मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली ट्रांस्फर करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई संभावित बताई गई है।
दहेज मृत्यु की धारा हटी, बदला जमानत आवेदन
पिछली सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की तरफ से जमानत आवेदन में संशोधन की अनुमति मांगी गई थी। याचिका में दहेज मृत्यु से संबंधित आरोप हटने के बाद नए आरोपों के अनुरूप बदलाव करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी थी।
CBI की चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु का आरोप शामिल नहीं किया गया, जबकि धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। अब हाईकोर्ट बदली हुई कानूनी परिस्थिति और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।
12 मई 2026 को हुई थी ट्विशा शर्मा की मौत
33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपनी ससुराल में फंदे पर मिली थीं। 9 दिसंबर 2025 को ही उनकी शादी गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। ट्विशा की मौत के बाद उनके परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शुरुआत में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु, क्रूरता और दहेज प्रतिषेध कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हाईकोर्ट ने पहले रद्द की थी अग्रिम जमानत
भोपाल की जिला अदालत ने 15 मई को गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। ट्विशा के परिजनों और राज्य सरकार ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके बाद 27 मई को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को जांच के दौरान हिरासत में लिया गया।
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AIIMS की रिपोर्ट में आत्महत्या का जिक्र
हाईकोर्ट के निर्देश पर 24 मई 2026 को AIIMS दिल्ली के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने भोपाल में ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम किया था। CBI को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण फंदे से दम घुटना बताया गया और मृत्यु को आत्महत्या माना गया। रिपोर्ट में ऐसी महत्वपूर्ण चोटें नहीं मिलने की बात कही गई, जो हमले या संघर्ष का संकेत देती हों।
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CBI ने जांच के दौरान डिजिटल और फोरेंसिक सुबूतों के साथ चैट, कॉल रिकॉर्ड और ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की। अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका और बदले हुए आरोपों पर विचार किया जाएगा।
