Ankita Bhandari हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर देहरादून से लेकर दिल्ली तक सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कल यानी बुधवार रात को अंकिता भंडारी के माता-पिता और परिजन दिल्ली में इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी उनसे इंडिया गेट जाकर मुलाकात की। कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी के साथ डटे रहे। सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की ऋषिकेश में हत्या हुई थी। तभी से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना रहता है। खासतौर पर इसमें भाजपा नेताओं और उनके परिजनों का नाम आरोपियों के तौर पर सामने आए हैं। चलिए जानते हैं यह मुद्दा अभी क्यों इतना ज्यादा चर्चा में है और इसका दुष्यंत गौतम से क्या संबंध है।
अभी क्यों चर्चा में है अंकिता भंडारी केस
अंकिता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी। इस हत्याकांड मामले में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम भी आरोपी के तौर पर लिया जाता रहा है। परिजनों का आरोप है कि जिस VIP आरोपी के बारे में जिक्र होता है, वह कोई और नहीं बल्कि दुष्यंत गौतम ही हैं। अब दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने से अंकिता भंडारी के माता-पिता और परिजन दुखी हैं। 12 अक्टूबर को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है। परिजनों के अनुसार जिस आरोपी को सजा मिलनी चाहिए, उसे सरकार की तरफ से न सिर्फ बचाया जा रहा है, बल्कि ईनाम दिया जा रहा है।
गट्टू का जिक्र कब और कहां हुआ
अभिनेत्री और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया अकाउंट पर पहली बार गट्टू नाम का खुलासा हुआ। 22 दिसंबर 2025 को सनावर के सोशल मीडिया अकाउंट पर अंकिता भंडारी मामले से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया गया था। उस वीडियो में दावा किया गया कि उन्हें उस VIP के बारे में जानकारी है, जिसका नाम 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा जा रहा था। यही नहीं सुरेश राठौर के साथ बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी शेयर की गई।
ये गट्टू कौन है?
अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़े-बड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी पहले से थी। इस मामले में किसी VIP के शामिल होने की बात भी कही जा रही थी। सनावर के सोशल मीडिया वीडियो में पहली बार गट्टू नाम का जिक्र हुआ। गट्टू नाम आते ही सभी के कान खड़े हो गए। क्योंकि चर्चाओं में इस नाम को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम से जोड़कर देखा गया। जी हां, यह वही दुष्यंत गौतम हैं, जिन्हें अभी सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है।
सनावर का ऑडियो AI होने का दावा
सनावर का सोशल मीडिया वीडियो 22 दिसंबर को सामने आया था और इसके अगले ही दिन यानी 23 दिसंबर 2025 को सुरेश राठौर सामने आए। उन्होंने उनके वायरल ऑडियो को AI से बनाया गया बताया और उसकी प्रमाणिकता पर सवाल खड़े किए।
Dushyant Gautam ने दर्ज कराया मुकदमा
चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में नाम घसीटे जाने पर दुष्यंत गौतम ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने 5 जनवरी 2026 को देहरादून के डालनवाला थाने में शिकायत दी। इसके बाद 7 जनवरी को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा भी दर्ज करवाया। कोर्ट ने भी प्रथम दृष्टया मानहानि का मामलाा बनता हुआ माना और संबंधित प्रतिवादियों को दुष्यंत गौतम को अंकिता मामले का VIP बताने या ऐसा कोई संकेत देने वाली सामग्री पोस्ट करने या प्रसारित करने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही 24 घंटे में ऐसी सामग्री हटाने के निर्देश भी दे दिए।
CBI को सौंपी गई अंकिता भंडारी मामले की जांच
अंकिता भंडारी हत्याकांड राज्य सरकार के लिए भी गले की फांस बन गया। राज्य में लगातार इस मुद्दे पर आंदोलन हो रहे थे। विरोध प्रदर्शनों और मामले में VIP की भूमिका को लेकर बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी। अंकिता के परिजन भी चाहते थे कि इस मामले में VIP के पहलू को विशेष रूप से शामिल किया जाए। फरवरी 2026 में CBI ने हत्याकांड में VIP पहलू की जांच के लिए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि, अज्ञात व्यक्ति के नाम FIR का मतलब यह नहीं कि दुष्यंत गौतम को मामले में आरोपी बनाया गया है।
कौन हैं दुष्यंत गौतम?
दुष्यंत गौतम भाजपा नेता रहे हैं। साल 1957 में दिल्ली के मल्कागंज में पैदा हुए दुष्यंत गौतम ने दिल्ली युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और दिल्ली से ही राजनीतिक जीवन की शुरुआत भी की। साल 1997-2002 तक वह वसंत विहार के नगर निगम पार्षद रहे। साल 2008 और 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में उन्होंने पूर्वी दिल्ली की कोंडली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार गए। 2020 में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए और इसी साल हरियाणा से राज्यसभा सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए। नवंबर 2020 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रभारी बनाया गया। साल 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें करोल बाग से अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन इस बार भी वह AAP के विशेष रवि से हार गए।
क्या हुआ था अंकिता भंडारी के साथ
अंकिता भंडारी उत्तराखंड में पौड़ी जिले की रहने वाली थी। 19 साल की अंकिता ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा करने के साथ ही महिला सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए। इस मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होटल के संचालक सहित तीन आरोपियों को दोषी ठहराया गया। जून 2025 में कोटद्वार की एक अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।