तुर्कमान गेट हिंसा: पहचान स्पष्ट न होने पर सभी 12 आरोपियों को जमानत, अदालत ने हिरासत को बताया गैर जरूरी

तुर्कमान गेट हिंसा मामले में अदालत ने 12 आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि फुटेज में उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। अदालत ने माना कि केवल आरोप की गंभीरता के आधार पर हिरासत उचित नहीं है।

नई दिल्ली: तुर्कमान गेट हिंसा मामले में दिल्ली की सत्र अदालत ने अहम टिप्पणी करते हुए सभी 12 आरोपियों को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और रिकॉर्ड के आधार पर इस चरण पर आरोपियों की स्पष्ट और निर्विवाद पहचान स्थापित नहीं हो पाई है, इसलिए उनकी निरंतर हिरासत को न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।

Turkman Gate Violence Case

तुर्कमान गेट हिंसा मामला (फाइल फोटो)

कब का है मामला

यह मामला छह-सात जनवरी की दरमियानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराए जाने की अफवाह फैलने के बाद इलाके में भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस के अनुसार 150-200 लोगों की भीड़ ने पुलिस और एमसीडी कर्मचारियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकीं,जिससे एक एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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