क्या है 49 साल पुरानी Turkman Gate Demolition की कहानी, तब भी हुई थी पत्थरबाजी

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उपद्रवी तत्वों ने पुलिस और प्रशासन पर पथराव किया। पुलिस को इस दौरान बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर 1976 की घटना की याद दिला दी। उस समय भी यहां अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर पथराव किया था।

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना हुई। अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर असामाजिक तत्वों ने पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हो गए। इसके बाद वहां हालात तनावपूर्ण बन गए। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को हिरासत में भी लिया है। यही नहीं अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। इस घटना ने एक बार फिर 49 साल पुरानी Turkman Gate Demolition की याद दिला दी। हालांकि, उस समय के हालात अलग थे और आज के बिल्कुल अलग। इसी बहाने 1976 की उस घटना के बारे में जान लेते हैं।

turkman gate Demolition

तुर्कमान गेट इलाके में 1976 में हुई थी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

आपातकाल का दौर और आक्रामक परिवार नियोजन

जून 1975 में देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई। इस दौरान बड़े स्तर पर परिवार नियोजन अभियान चलाया गया। लेकिन 1976 आते-आते नसबंदी का यह अभियान आक्रामक रूप ले चुका था। तत्कालीन कांग्रेस नेता और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के कथित निर्देश पर इसे राजधानी दिल्ली के तथाकथित सुंदरीकरण कार्यक्रम से जोड़ दिया गया था। झुग्गी-झोपड़ियों को खत्म करना और वहां रहने वाले लोगों की जबरन नसबंदी की जानी लगी। इसी दौरान पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई। यहां पर मुस्लिम आबादी अधिक रहती थी।

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