यूपी सरकार ने दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) लागू होने पर दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर भविष्य में करीब 21 मिनट में पूरा हो सकता है।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा एयरपोर्ट
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने इस बाबत बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि एक प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी योजना से दिल्ली और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच सफर का समय घटकर 21 मिनट हो सकता है। यहां यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए यूपी सरकार के मंत्री ने कहा कि दिल्ली को जेवर हवाई अड्डे से जोड़ने वाले ’रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है और इसे केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेज दिया गया है।
इस डीपीआर में प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को एक समर्पित स्टेशन के जरिए हवाई अड्डा टर्मिनल से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे भविष्य में दिल्ली और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच की दूरी लगभग 21 मिनट में तय की जा सकेगी। साथ ही DPR में प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को भी एयरपोर्ट टर्मिनल से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए एयरपोर्ट परिसर में एक समर्पित स्टेशन प्रस्तावित है, जिससे दिल्ली से सीधी तेज कनेक्टिविटी संभव होगी।
कार्गो और इंडस्ट्रियल हब बनेगा जेवर क्षेत्र
बैठक में कहा गया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र,जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद देश के बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है। सरकार का दावा है कि यह इलाका कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक कॉरिडोर बनेगा।इस बैठक में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को भूमि अधिग्रहण मुआवजे का तेजी से ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित करें और एक ऐसी प्रणाली बनाएं जिसके तहत लोगों को नक्शे और भूखंडों से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक के दौरान, अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि हाथरस के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है और वहां एक शहरी नगर विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हाथरस के बाद यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा तक बढ़ाया जाएगा और टप्पल-बजना में 4,700 एकड़ भूमि पर एक शहरी नगर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि यीडा क्षेत्र में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर चिप निर्माण इकाई, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर, परिधान पार्क, चिकित्सा उपकरण पार्क, खिलौना पार्क, एमएसएमई पार्क, हस्तशिल्प पार्क और डेटा पार्क जैसी परियोजनाओं के साथ तीव्र औद्योगिक विकास भी देखने को मिल रहा है।
