Greater Noida Child Death: ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस सोसाइटी के फ्लैट की 12वीं मंजिल की बालकनी से हुई, जहां से बच्चा गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। इस हादसे के बाद से पूरी सोसाइटी में हड़कंप मच गया।
ग्रेटर नोएडा में 12वीं मंजिल की बालकनी से गिरने से 3 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत (सांकेतिक फोटो)
मामले की जांच जारी
थाना बिसरख के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा के अनुसार, पुलिस को एक प्राइवेट अस्पताल से जानकारी मिली कि गौर सिटी वन की सेवन एवेन्यू सोसाइटी में रहने वाला तीन साल का बच्चा 12वीं मंजिल की बालकनी से गिर गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के समय बच्चे की मां अपने दूसरे बच्चे को ट्यूशन से लेने गई थीं और तीन वर्षीय बच्चा घर पर अकेला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
छपरौला गांव में नर्सरी के छात्र की मौत
वहीं, ग्रेटर नोएडा के छपरौला गांव में बुधवार की दोपहर एक दुखद घटना घटी। बता दें, 5 साल का एक नर्सरी का छात्र अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसके घर के पास ही स्थित एक खुले और पानी से भरे प्लॉट में गिरना उसकी जिंदगी के लिए खतरे का कारण बन जाएगा। खेलते-खेलते बच्चा अचानक तीन फीट गहरे पानी वाले गड्ढे में गिर गया।
जैसे ही बच्चा पानी में गिरा, उसके साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने चीख-पुकार मचाई। आवाज सुनकर पास के पड़ोसी और घर में काम कर रही मां तुरंत बाहर दौड़ीं। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इस्तेमाल करके बच्चे को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को भी सूचना दी। तुरंत कार्रवाई करते हुए मासूम को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि जिस प्लॉट में बच्चा गिरा, वहां लंबे समय से कचरा और पानी जमा हो रहा था। यह असुरक्षित जगह सड़क के किनारे लगभग एक किलोमीटर तक फैली हुई है, लेकिन यहां न तो कोई बैरिकेड लगाई गई थी और न ही सुरक्षा के किसी इंतजाम किए गए थे। दादरी के SDM अनुज नेहरा ने बताया कि पानी बुधवार की बारिश के कारण जमा हुआ था, लेकिन प्लॉट के मालिकाना हक और जलभराव के स्थायी कारणों पर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
(इनपुट - भाषा)
