मध्यप्रदेश के सीधी जिले में शनिवार दोपहर एक कच्चे मकान में भीषण आग लगने से दो बहनों समेत तीन नाबालिग भाई-बहनों की जलकर मौत हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को ’’अत्यंत दुखद और हृदयविदारक’’ बताते हुए मृत बच्चों के परिजनों को 18 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। यह घटना जिला मुख्यालय सीधी से करीब 10 किलोमीटर दूर जमोड़ी क्षेत्र के काशीहवा गांव में दोपहर करीब एक बजे हुई।
सांकेतिक तस्वीर।
शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग
मृतकों की पहचान डेढ़ वर्षीय ऋद्धि रामरतन साकेत, छह वर्षीय संध्या साकेत और तीन वर्षीय नागेंद्र साकेत के रूप में हुई है। जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने फोन पर ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। उन्होंने कहा कि आग तेजी से कच्चे मकान में फैल गई। उस समय बच्चे घर के अंदर थे और बाहर से दरवाजा बंद था, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। पुलिस के अनुसार बच्चों की मां राशन लेने दुकान गई थीं, जबकि उनके पिता रामरतन साकेत मजदूरी के लिए सीधी शहर गए हुए थे।
राज्य सरकार ने किया मुआवजे का एलान
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बच्चों को नहीं बचाया जा सका। ग्रामीणों का दावा है कि दमकल वाहन बाद में मौके पर पहुंचे।जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की ओर से चार-चार लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये तथा जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से तत्काल राहत के रूप में 20-20 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की है।
