हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति का हुआ विसर्जन, “मोरया मोरया” का हुआ जयघोष

पुणे में आज भावुक मन के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति को विदाई थी। इस मौके पर ढोल-ताशों की गूंज, “मोरया मोरया” के जयघोष जोर-शोर से गूंज रहे थे।

पुणे: ढोल-ताशों की गूंज, “मोरया मोरया” के जयघोष, पुष्पवर्षा और आकर्षक कोल्ड-फायर रोशनी के बीच पुणे के श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति को शनिवार तड़के भावुक विदाई दी गई। भारत के पहले सार्वजनिक गणपति के रूप में प्रसिद्ध श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति की भव्य विसर्जन शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

गणपति विसर्जन।

श्री विघ्नहर्ता रथ पर सवार बप्पा के दर्शन के लिए पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भव्य शोभायात्रा का समापन सुबह 4:01 बजे पंचाश्वर घाट स्थित पुणे महानगरपालिका के विसर्जन टैंक में गणपति प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ।विसर्जन शोभायात्रा रात करीब 9 बजे शुरू हुई। इससे पहले गणपति बप्पा की प्रतिमा को श्री गणेश सुवर्णधाम मंदिर से मंडई स्थित लोकमान्य तिलक की प्रतिमा के पास ले जाया गया था। परंपरा के अनुसार, श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट के उत्सव प्रमुख एवं विश्वस्त पुनीत बालन ने वहां पुणे के पांच मानाचे गणपतियों को पुष्पहार अर्पित किए।

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