बेंगलुरु के मराठहल्ली के मुन्नेकोलालु में सोमवार तड़के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुभाष अतुल को उनके अपार्टमेंट में फांसी पर लटका पाया गया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल ने 24 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि घरेलू क्लेश ने उन्हें इस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। सुसाइड नोट में उनकी पत्नी और अन्य लोगों द्वारा दर्ज की गई आठ पुलिस शिकायतें शामिल हैं।
इंजीनियर ने की आत्महत्या।
इंजीनियर ने की आत्महत्या
यह घटना तब सामने आई, जब अतुल ने एक गैर-सरकारी संगठन को ईमेल भेजा, जिसमें उन्होंने घरेलू हिंसा और संबंधित मुद्दों का सामना कर रहे पुरुषों के अधिकारों की वकालत की। ईमेल में उन्होंने आत्महत्या करने के अपने इरादे का संकेत दिया, जिससे एनजीओ तुरंत सक्रिय हो गया। एनजीओ के स्टाफ ने पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट किया और अतुल के संदेश का डिटेल्स शेयर किया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी अतुल के अपार्टमेंट पहुंचे, दरवाजा तोड़कर अंदर गए और उन्हें मृत पाया।
डिप्रेशन में चला गया था शख्स
पुलिस जांच से पता चला है कि अतुल डिप्रेशन से जूझ रहा था और उसने आत्महत्या करने से पहले एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा। अतुल की पत्नी, निकिता सिंघानिया ने उसके खिलाफ दहेज और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। लगातार चल रहे मुकदमों ने अतुल पर मानसिक रूप से काफी दबाव डाला। वह डिप्रेशन में चला गया। आत्महत्या से पहले, अतुल ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने जौनपुर स्थित परिवार अदालत के एक जज, अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा है?
अतुल ने 24 पन्नों के एक विस्तृत सुसाइड नोट में शोषण, वसूली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का जिक्र किया है। उसने अपनी पत्नी और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
