Kanker Maoist Cadres Surrender: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में छह माओवादी कैडरों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान राजनांदगांव-कांकेर सीमा डिवीजन से जुड़े पांच सदस्य एरिया कमेटी सदस्य मंगेश पोडियामी, गणेश वीके, मंगती जुर्री, हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता और राजे के साथ मिलिट्री कंपनी नंबर-5 से संबंधित पार्टी कमेटी सदस्य स्वरूपा उसेंडी ने आत्मसमर्पण किया।
कांकेर में छह माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने डाले हथियार (सांकेतिक फोटो)
सुरक्षाबलों को तीन हथियार भी सौंपे
अधिकारियों के अनुसार, पुनर्वास प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण करने आए इन कैडरों ने तीन हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे हैं, जिनमें एक एसएलआर और दो .303 राइफल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक मुख्यधारा में इनके पुनः समावेशन और हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने अब भी सक्रिय माओवादी कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो भी कैडर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाने के लिए आगे आएंगे, उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के सकारात्मक प्रभाव के चलते पिछले 26 महीनों में 2700 से ज्यादा माओवादी कैडर हथियार छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं।
कोई वरिष्ठ माओवादी नेता सक्रिय नहीं बचा
बुधवार को बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में वरिष्ठ माओवादी कमांडर पापा राव ने 17 अन्य कैडरों के साथ ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के अंतर्गत सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पापा राव को माओवादी संगठन के आखिरी शीर्ष नेताओं में शामिल माना जाता रहा है। उनके आत्मसमर्पण के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, ने कहा कि अब राज्य में कोई वरिष्ठ माओवादी नेता सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च 2026 की तय समय सीमा तक छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो सकता है।
(इनपुट - भाषा)
