बिहार के समस्तीपुर जिले में आसमान से एक संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गिरने के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसके मौसम संबंधी आंकड़े जुटाने वाले रेडियोसॉन्डे होने की आशंका जताई है। हालांकि, उपकरण की वास्तविक पहचान और उसके स्रोत की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समस्तीपुर में आसमान से गिरा संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (फोटो-Twitter)
मामला विभूतिपुर थाना क्षेत्र के बाजिदपुर बम्बैया गांव के वार्ड संख्या-4 स्थित बेलसंडी डीह का है। जानकारी के अनुसार, देर शाम एक जलती हुई डिजिटल लाइट के साथ अज्ञात इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंशीधर मिश्र के दरवाजे पर आ गिरा। उपकरण पर ‘मेड इन कोरिया’ लिखा होने के कारण ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
गुब्बारा फटने के बाद जमीन पर गिरा उपकरण
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उपकरण को अपने कब्जे में ले लिया। दरोगा अरसद इमाम अंसारी ने शुरुआती तौर पर आशंका जताई कि यह भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से संबंधित रेडियोसॉन्डे हो सकता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसके साथ लगा गुब्बारा फटने के बाद उपकरण जमीन पर गिरा होगा।
रेडियोसॉन्डे एक वैज्ञानिक उपकरण है, जिसे आमतौर पर गैस से भरे मौसम संबंधी गुब्बारे के साथ वायुमंडल में छोड़ा जाता है। यह तापमान, वायुदाब और आर्द्रता जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र करता है। इससे प्राप्त जानकारी मौसम के पूर्वानुमान को बेहतर बनाने में मदद करती है।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उपकरण में बैटरी लगी हुई है और फिलहाल किसी खतरे की आशंका नहीं जताई गई है। हालांकि, उपकरण पर ‘मेड इन कोरिया’ लिखा होने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इसे किस देश या संस्था ने छोड़ा था। फिलहाल, उपकरण पुलिस के कब्जे में है और इसकी वास्तविक पहचान, इस्तेमाल तथा स्रोत को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह उपकरण कहां से आया और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।
