रांची: झारखंड पुलिस के एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने हजारीबाग, लोहरदगा सहित कई अन्य जिलों में एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एटीएस आतंकी संगठन अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट (एक्यूआईएस) से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक एके-47 सहित कुछ अन्य हथियारों की बरामदगी की भी सूचना है। झारखंड एटीएस ने आधिकारिक तौर पर इन गिरफ्तारियों के बारे में खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के पास से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
एक्यूआईएस के आतंकी गिरफ्तार
इन देशों में सक्रिय है अलकायदा
इन दस्तावेजों और उपकरणों की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये लोग अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट का विस्तार कर इससे युवाओं को जोड़ने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने, भारत में शरिया कानून स्थापित करने और बांग्लादेश के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे विषयों पर काम कर रह थे। एक्यूआईएस अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, बर्मा और बांग्लादेश में सक्रिय है। यह पहली बार नहीं है, जब झारखंड में आतंकी संगठनों से जुड़े लोग पकड़े गए हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीते साल अक्टूबर में आईएसआईएस के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो शाहनवाज आलम और रिजवान अशरफ झारखंड के रहने वाले हैं। इनमें से एक शाहनवाज आलम एनआईए का मोस्ट वांटेड था और उस पर तीन लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह हजारीबाग शहर के पगमिल-पेलावल का रहने वाला है।
एनआईए और एटीएस की जांच में पहले भी यह बात सामने आई है कि झारखंड के रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, पाकुड़, गढ़वा और गिरिडीह जिले में आतंकियों के स्लीपर सेल सक्रिय हैं।
(इनपुट-आईएनएस)
