रामनगर : उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां और कुमाऊं-गढ़वाल के बीच की दूरी हमेशा से आवागमन की एक बड़ी चुनौती रही है। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए, रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हाल ही में रामनगर और देहरादून के बीच पहली सीधी एक्सप्रेस रेल सेवा की शुरुआत हुई, जो न केवल दो मंडलों को जोड़ती है, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस की शुरुआत (फोटो-AI)
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही, रामनगर अब राजधानी देहरादून से रेल मार्ग से जुड़ गया है। यह नई रेल सेवा उन हजारों यात्रियों के लिए वरदान है, जिन्हें अब तक सड़क मार्ग के भरोसे लंबी और थकान भरी यात्रा करनी पड़ती थी। कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से यह ट्रेन विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों के लिए एक सुलभ और सुरक्षित यात्रा विकल्प प्रदान करती है।
सांसद अनिल बलूनी ने इस अवसर पर रेल नेटवर्क के विस्तार को 'विकास का इंजन' करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का उद्देश्य अंतिम छोर तक पहुंचना है। यह ट्रेन रामनगर, काशीपुर, मुरादाबाद और हरिद्वार जैसे प्रमुख व्यापारिक एवं धार्मिक केंद्रों को आपस में जोड़ती है, जिससे अंतर्देशीय कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी।
नई रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को सुबह 5:50 बजे रामनगर से रवाना होकर दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन दोपहर 3:55 बजे देहरादून से चलकर रात 11:30 बजे रामनगर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी.
आर्थिक और पर्यटन का विस्तार
रेल कनेक्टिविटी के बेहतर होने का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। रामनगर, जो कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में विख्यात है, अब सीधे देहरादून से जुड़ा है। इससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अब पर्यटक अधिक सुविधा के साथ एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आवागमन कर सकेंगे।
आने वाले समय की रेल योजनाएं
सरकार अब केवल एक ट्रेन चलाने तक ही सीमित नहीं है। सांसद अनिल बलूनी ने आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भविष्य में इस ट्रेन को सप्ताह में छह दिन संचालित करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, रामनगर से दिल्ली के लिए एक सुपरफास्ट ट्रेन शुरू करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। इन योजनाओं का लक्ष्य उत्तराखंड की राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी के साथ कुमाऊं की कनेक्टिविटी को निर्बाध बनाना है।
