Rajasthan News: राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएं। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की गई हालिया कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मामला किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य उत्पादन और खाद्य सुरक्षा से भी सीधे तौर पर संबंधित है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने खराब और संदिग्ध गुणवत्ता वाले बीजों के भंडारण एवं बिक्री को लेकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान संबंधित गोदामों को सील किया गया, बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई तथा उनके नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया।
राजस्थान में एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप
इसी क्रम में किरण कपाड़िया की कंपनी द्वारा बेचे जा रहे 'गजराज' ब्रांड के मूंगफली बीजों के मामले में भी कार्रवाई की गई थी। जांच के तहत कंपनी के गोदाम को सील किया गया और बीजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया। साथ ही बीजों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच शुरू की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले को दबाने और गोदाम में रखे बीजों को वापस गुजरात भेजने की व्यवस्था करने के एवज में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर को लगभग 1.20 करोड़ रुपये तथा गणपत नामक व्यक्ति को करीब 60 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। एसीबी को सूचना मिली थी कि इस राशि में से 90 लाख रुपये जुगल किशोर अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के जरिए श्रीगंगानगर भिजवा रहा है। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए लूणकरणसर में संबंधित बस को रुकवाकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान स्वतंत्र बिश्नोई के कब्जे से 85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने किसानों को वितरित किए जाने वाले बीजों की गुणवत्ता और बीज वितरण प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, गजराज ब्रांड (मूंगफली बीज) से जुड़े प्रोपराइटर किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सुनील सेतिया तथा सतपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं स्वतंत्र बिश्नोई को लूणकरणसर से नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने जांच के दौरान जुगल किशोर बिश्नोई के आवास और संबंधित बस की तलाशी ली, जिसमें अब तक कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 27 मई 2026 को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर की गई कार्रवाई के दौरान बीजों के नमूने लिए गए थे और गजराज ब्रांड के बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस कार्रवाई को प्रभावित करने, मामले को दबाने तथा गोदाम में रखे कथित नकली बीजों को वापस गुजरात भेजने की अनुमति दिलाने के लिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित कंपनी से जुड़े लोगों ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को निष्प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों से संपर्क साधा। आरोप है कि प्रयोगशाला जांच में नमूनों को अनुकूल रिपोर्ट दिलाने, बीजों की बिक्री दोबारा शुरू करवाने और अन्य प्रकार के अनुचित लाभ प्राप्त करने के प्रयास किए गए। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की जा रही है।
