राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी जिले में अपराध होने पर संबंधित आईजी (IG) और एसपी (SP) सीधे तौर पर जवाबदेह और जिम्मेदार होंगे। राज्य सरकार अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम करेगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (File Photo)
अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर कानून-व्यवस्था को लेकर एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी ही काफी नहीं है, बल्कि संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और साइबर क्राइम से जुड़े पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी है।
हाल की घटनाओं पर मांगा जवाब
मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। वहीं, गोगुंदा के चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया।
अवैध हथियारों और माफिया पर कार्रवाई के निर्देश
सीएम ने पुलिस को अवैध हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाने और इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही हवाला कारोबार, भू-माफिया, नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों और उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई करने को कहा।
साइबर अपराध रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए साइबर पेट्रोलिंग मजबूत करने, साइबर सेल में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर सख्ती
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा मिले और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
लंबित मामलों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सभी रेंज आईजी और जिला एसपी को एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन जिलों में अपराध पर लगाम लगाने में नतीजे अच्छे नहीं मिलेंगे, वहां के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता से बेहतर समन्वय के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए सभी जिलों में नियमित रूप से कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG) की बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित गृह विभाग और पुलिस के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिलों के एसपी और आईजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
