Jodhpur News: राजस्थान पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने जोधपुर में एमडी नामक मादक पदार्थ बनाने की अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। उसने गोलीबारी के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मौके से एमडी नामक मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल करीब 176.63 किलोग्राम सामग्री और रसायन बरामद किए गए, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 90 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि एएनटीएफ द्वारा जब्त की गई इस प्रकार की सामग्री की यह अब तक की सबसे बड़ी खेप है। कुमार ने बताया कि फैक्टरी लूनावपुरा गांव के एक खेत से संचालित की जा रही थी। उन्होंने बताया कि एएनटीएफ की टीम ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर घटनास्थल पर पहुंची और तड़के करीब 3:30 बजे छापा मारा।
जोधपुर में एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश
अन्य संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास जारी
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने भागने की कोशिश में गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। उन्होंने बताया कि एक संदिग्ध को पैर में गोली लगी, जबकि भागने के एक क्रम में एक अन्य आरोपी का पैर टूट गया। महानिरीक्षक ने बताया कि एएनटीएफ ने हापूराम, बुधराम, नरेश,नरेंद्र, अजाराम और श्रवण को गिरफ्तार किया है। इनमें अजाराम बालेसर का निवासी है। अन्य सभी बाड़मेर जिले के है। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान फरार हुए अन्य संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ, जबकि दो आरोपियों को कार्रवाई के दौरान गिरने से पैर में चोटें आईं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह इकाई एक व्यापक अंतरराज्यीय मादक पदार्थों के नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, और गिरफ्तार व्यक्तियों से आगे की पूछताछ से इस पूरे कारोबार और संभावित राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय संबंधों का खुलासा होने की उम्मीद है।
एजीटीएफ ने दो कुख्यात अपराधियों को किया गिरफ्तार
वहीं, पुलिस की गैंगस्टर विरोधी कार्य बल (एजीटीएफ) ने संगठित अपराध से जुड़े दो कथित कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान चुरू जिला निवासी कृष्णा सिंह (31) और कुचामन-डीडवाना निवासी लक्ष्मण सिंह (34) के रूप में हुई है। दोनों को जयपुर के करधनी क्षेत्र से पकड़ा गया। एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विकास कुमार ने बताया कि कृष्णा सिंह पिछले तीन वर्षों से फरार था और 2023 में सुजानगढ़ स्थित आभूषणों की दुकान में हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्त था। उसके गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने और रंगदारी वसूली गतिविधियों में शामिल होने की भी आशंका है। कुमार ने बताया कि लक्ष्मण सिंह पर लगभग 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, झपटमारी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। वह कई थानों में दर्ज मामलों में फरार चल रहा था। दोनों आरोपियों को विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया और उनसे पूछताछ की जा रही है।
