छत्तीसगढ़ शराब नीति में बड़ा बदलाव, विष्णुदेव साय सरकार का बड़ा फैसला; विदेशी शराब से जुड़ी लाइसेंसिंग व्यवस्था खत्म

छत्तीसगढ़ शराब नीति में बदलाव के बाद अब राज्य सरकार शराब के व्यापार में बिचौलियों की भूमिका को खत्म करते हुए सीधे निर्माताओं से शराब खरीदेगी और बेचेगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई वाली सरकार ने राज्य के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार 19 जून को राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने आबकारी नीति में किए गए बदलावों के तहत विदेशी शराब से जुड़ी लाइसेंसिंग व्यवस्था को खत्म कर दिया है, जो पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शराब की बिक्री से जुड़े बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सवालों के घेरे में थी।

vishnu dev sai.

छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय

बुधवार 19 जून को सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि "मंत्रिमंडल ने विदेशी मदिरा के थोक विक्रय और भंडारण के लिए वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 एबी लाइसेंस की व्यवस्था को समाप्त करते हुए विनिर्माण इकाइयों से सीधे विदेशी मदिरा की थोक खरीद को मंजूरी दे दी है।" "यहां यह उल्लेखनीय है कि पहले विदेशी मदिरा की खरीद लाइसेंसधारियों के माध्यम से की जाती थी। इस व्यवस्था को समाप्त करने के साथ ही सरकार ने अब छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन को विदेशी मदिरा की खरीद की जिम्मेदारी सौंपी है।"

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