संघर्ष से सहयोग तक, पंडुम कैफे बना मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों के लिए शांति और रोजगार का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफे’ का उद्घाटन कर बस्तर में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई पहल की शुरुआत की। यह कैफे नक्सली हिंसा के प्रभाव में रहे लोगों और मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास के लिए समर्पित है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उन्हें सम्मानजनक और स्थायी रोजगार प्रदान करने का अवसर देती है।

Pandum Cafe Inauguration: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की एक नई पहल के रूप में आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का उद्घाटन किया। यह कैफे उन लोगों के पुनर्वास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नक्सली हिंसा के प्रभाव में रहे हैं या जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उन्हें सम्मानजनक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा सकती है।

Pandum Cafe Inauguration by CM Vishnu Deo Sai (Photo: Twitter - @vishnudsai)

पंडुम कैफे का उद्घाटन सीएम विष्णुदेव साई ने किया (फोटो: ट्विटर - @vishnudsai)

‘पंडुम कैफे’ का उद्देश्य संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरक सफर को दर्शाना है और यह जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है। मुख्यमंत्री ने कैफे में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों को नई शुरुआत के लिए प्रोत्साहित किया और कैफ़े के सुचारु संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पंडुम कैफ़े बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कैफ़े में काम करने वाले युवा, जो हिंसा के पीड़ित या पूर्व नक्सली सदस्य हैं, अब शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य, कैफे प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता के क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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