छत्तीसगढ़ में रोजगार के नए आयामः बघेल सरकार चला रही गौठान योजना, सपने साकार कर युवा पा रहे इससे नई पहचान

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 15, 2023, 07:43 PM IST

उद्योग (इसी) में प्रतिदिन 6 हजार प्लास्टिक जार तैयार किया जा रहा है, जिसे 17 रूपए प्रति नग के हिसाब से बाजार में बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर में ही गांव की महिलाओं एवं युवाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा अवसर प्राप्त हुआ है।

छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार दिलाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर संचालित की जा रही ऐसी ही योजनाओं में से एक गौठान योजना के तहत कई गतिविधियों के जरिए युवाओं को रोजगार के नए आयाम हासिल हो रहे हैं। गौठानों में बने रीपा केंद्र युवाओं के सपनों को साकार कर रहे हैं, जबकि दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) में युवाओं को रोजगार के साथ नई पहचान मिल रही है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

दुर्ग विकासखण्ड के अंजोरा (ख) में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) में महिलाएं एवं युवा पहली बार प्लॉस्टिक जार एवं बेकरी उत्पादन का काम कर रही है। गांवों को उत्पाद का केन्द्र और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है यह योजना। यह योजना अब ग्रामीण परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने लगी है।

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