Vaishno Devi Special Train News: लुधियाना स्टेशन पर 6 जून को दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में दरार मिलने की घटना के बाद भारतीय रेलवे ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं और एक विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सभी आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में दरार मिलने से मचा था हड़कंप (फोटो- PTI)
देशभर में विशेष सुरक्षा अभियान शुरू
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही संबंधित कोच में दरार की सूचना मिली, तुरंत आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए गए। इसके बाद पूरे देश में सभी जोनों में एक विशेष सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया है। इस अभियान के तहत कोचों के उन हिस्सों की बारीकी से जांच की जा रही है, जहां जंग या क्षरण (कोरोशन) की संभावना अधिक होती है।
अगले 7 दिनों में हो कोचों का निरीक्षण पूरा
रेलवे ने यह भी निर्देश जारी किया है कि अगले सात दिनों के अंदर सभी आईसीएफ कोचों का व्यापक निरीक्षण पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिन कोचों में अधिक जंग या ढांचागत कमजोरी पाई जाएगी, उन्हें सेवा से तुरंत हटा दिया जाएगा। साथ ही, रेलवे मुख्यालय, वर्कशॉप और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी इन कोचों की दोबारा जांच (सुपर चेक) करेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल
तकनीकी जांच को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसमें एंडोस्कोपी कैमरा, अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज और अन्य उन्नत परीक्षण उपकरण शामिल हैं। इनकी मदद से कोचों के उन हिस्सों की भी जांच की जा सकेगी, जहां सामान्य निरीक्षण के दौरान किसी तरह की खामियां आसानी से सामने नहीं आ पातीं। रेलवे ने इस अभियान से जुड़ी जानकारी और निरीक्षण प्रक्रिया का वीडियो भी सभी क्षेत्रीय रेलों के माध्यम से साझा किया है, ताकि कर्मचारियों और अधिकारियों को एक समान और स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकें।
वर्कशॉप्स का ऑडिट कराने का फैसला
इसके अलावा, रेलवे ने उन सभी वर्कशॉप्स का ऑडिट कराने का फैसला लिया है, जहां कोचों की पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (POH) की जाती है। यह ऑडिट अगले एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा और इसके जरिए पूरे रखरखाव सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। रेलवे बोर्ड स्तर पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) को भी और आसान और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि ऐसे कोचों की जल्द पहचान की जा सके जिनमें अधिक जंग या क्षति हो चुकी है या जिनकी मरम्मत में अत्यधिक खर्च आने की संभावना है। इन कोचों को समय पर हटाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। उम्मीद है कि इन उपायों से कोचों की संरचनात्मक मजबूती और रखरखाव प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
