अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को प्रभु राम विराजमान होंगे। देश-दुनिया की नजरें श्रीराम के स्वागत को व्याकुल हैं। पूरा देश राममय हो रखा है। हर कोई रामलला के प्राणप्रतिष्ठा का इंतजार कर रहा है। ऐसा ही इंतजार माता सीता ने हजारों साल पहले किया था। जब भगवान राम ने स्वयंवर में आकर धनुष तोड़ा था और माता जानकी से विवाह किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार श्रीराम और माता जानकी कहां मिले थे। तो आइए आज हम आपको बताते हैं।
माता सीता और प्रभु राम का जहां पहली बार मिलन हुआ था, वह जगह बिहार के मधुबनी में हैं. जी हां, यहां फुलहर नामक गांव में आज भी वह पुष्पवाटिका मौजूद है, जहां पहली बार राम सीता मिले थे। कहा जाता है कि यहां प्रभु राम गुरु विश्वामित्र और भाई लक्ष्मण के साथ गए थे। रामचरित्र मानस में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि श्रीराम जब गुरु विश्वामित्र और लक्ष्मण के साख जनकपुर पहुंते थे, तो राजा जनक ने बड़े आदर-सत्कार से अनका स्वागत किया था।
प्रभु राम और माता सीता का मिलन
अगले दिन प्रभु राम भाई लक्ष्मण के साथ पुष्पवाटिका पहुंचे थे, वहीं माता सीता भी वहीं अपनी सखियों के साथ फूल तोड़ने आईं थीं। जहां श्रीराम को देखकर माता उन्हें देखते ही रह गई थी। वहीं भगवान राम भी उन्हें देख काफी प्रसन्न हुए थे।
माता सीता ने मांगा था वरदान
जिसके बाद माता ने अपनी कुल देवी से प्रभु राम संग विवाह का वरदान मांगा था। माता सीता रोज अपनी कुलदेवी गिरिजा की पूजा करने जाया करती थीं। वहीं बाग तराग तालाब भी स्थित है, जिसके पास में ही पुष्पवाटिका मौजूद है। कुल देवी के वरदान के बाद स्वयंवर में प्रभु ने शिव धनुष तोड़कर माता सीता से विवाह किया था।
