पुणे: केंद्र सरकार देश के कोने-कोने तक सड़कों का जाल बिछा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी राज्यों के साथ मिलकर सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रहे हैं। इसलिए वह अपने कामकाज की विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा है कि भारत का लक्ष्य अगले पांच साल में अपने रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को अमेरिका के बराबर करने का है। उन्होंने कहा- इस लक्ष्य को पाने के लिए एक व्यापक रणनीति के तहत सरकार काम कर रही है। इसके साथ ही उनका मंत्रालय महानगरों की भीड़ को कम करने, यात्रा के समय को घटाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए काम कर रहा है। जल्द ही प्रयास को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके लिए बड़ा बजट तैयार है।
नितिन गडकरी
50 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं
मंत्री गडकरी ने बताया कि पिछले नौ साल में उनके मंत्रालय में काम का तरीका बदला है। इस अवधि में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं आवंटित कर लोगों को सौगात दी गई हैं। मौजूदा नीतियों को बेहतर कर अनुबंध मंजूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया। मंत्री ने कहा कि किसी भी ठेकेदार को अनुबंध की मंजूरी के लिए मेरे पास आने की जरूरत नहीं है। हम पारदर्शी, समयबद्ध, परिणामोन्मुख और गुणवत्ता के प्रति जागरूक हैं और तेजी से निर्णय लेते हैं। हम मंत्रालय, ठेकेदारों और बैंकरों को एक परिवार मानते हैं। यही कारण है कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बेहतर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में ठेकेदार अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
भारत के पास सात विश्व रिकॉर्ड
एक ईयरबुक में प्रकाशित लेख के अनुसार, गडकरी ने कहा हम अच्छे काम को प्रोत्साहित करते हैं। यही कारण है कि हमारे पास सात विश्व रिकॉर्ड हैं। यह मंत्रालय की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि पांच साल बाद हमारा सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका के बराबर हो जाएगा। उन्होंने बुनियादी ढांचे का भविष्योन्मुखी विकास देश की जरूरत होने की बात कही है। भारत को घरेलू और विदेशी दोनों स्रोतों से पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है। इससे गरीबी दूर होगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
गडकरी के भविष्य के प्लान
गडकरी ने कहा कि देश के मोटर वाहन क्षेत्र भारत का वाहन उद्योग हाल में जापान को पीछे छोड़कर चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। लिहाजा, अब हमारा उद्योग 7.5 लाख करोड़ रुपये का है और राज्यों और केंद्र सरकार को अधिकतम माल एवं सेवा कर (जीएसटी) इसी क्षेत्र प्राप्त होता है। अब तक इस उद्योग ने 4.5 करोड़ नौकरियां लोगों को मिल चुकी हैं। मेरा सपना अगले पांच साल में देश के वाहन उद्योग के आकार को दोगुना कर 15 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने का है। गडकरी के भविष्य के प्लान में भारत को मजबूत सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने की पूरी उम्मीद है।
