Prayagraj: प्रयागराज पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक नटवरलाल को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा के मुताबिक जॉर्ज टाउन थाने और साइबर सेल को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी करने की शिकायत मिली थी। जिस पर जॉर्ज टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मदरा भगनपुर इलाके के गांव मेजा खास निवासी कृष्णा अवतार सिंह को गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा करोड़ों की हेराफेरी के खुलासे की जानकारी देते हुए
आरोपी बीएससी और बीसीए किया हुआ है व कंप्यूटर में एक्सपर्ट है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि, सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान दुबई में रहने वाले जय नाम के एक व्यक्ति से हुई। पुलिस आयुक्त के मुताबिक पूछताछ में आरोपी से हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी कृष्णा भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर उनका ऑनलाइन अकाउंट खुलवाता था। इसके बाद दुबई में बैठे अपने आका के कहने पर उन खातों में ऑनलाइन गेमिंग से आए करोड़ों रुपए क्रिप्टो करेंसी में बदलकर आरोपी के वॉलेट में ट्रांसफर करवा देता था। पुलिस आरोपी के खिलाफ अवैध ब्लैक मनी का मामला दर्ज किया है। वहीं अब हवाला व आतंकी फंडिंग जैसे बिंदूओं पर जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।
10 दिन में किए करोड़ों ट्रांसफर
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि, गत 10 दिनों में ही उसने एक एप के जरिए करीब 3 करोड़ 74 लाख 83 हजार 127 रुपए को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर अन्य आरोपी द्वारा बताए गए वॉलेट में ट्रांसफर किए थे। वहीं जांच में कृष्णा द्वारा कर का भुगतान किए बिना बड़ी मात्रा में रकम का लेन-देन करना पाया गया है, इसके किसी वैध स्रोत का अब तक पता नहीं चला है। पुलिस अब मामले में अन्य आरोपियों को दबोचने की कोशिश कर रही है।
करोड़पति बनने के चक्कर में गया सलाखों के पीछे
पुलिस के मुताबिक, कृष्णा की पहचान सोशल मीडिया के जरिए दुबई में बैठे आरोपी से हुई। उस आरोपी ने उसे करोड़पति बनने के सपने दिखाए अपने इस धंधे में शामिल कर लिया। कृष्णा को लगा कि घर बैठे बिना इन्वेस्ट किए उसे करोड़पति बनने का रास्ता अगर मिल रहा है। इसके बाद उस पर रातों रात करोड़पति बनने का सुरूर ऐसा चढ़ा कि वह आरोपी के कहे मुताबिक ठगी का ये काम करने लगा। आरोपी कृष्णा दुबई में बैठे आरोपी द्वारा बताए गए तरीके से प्रयागराज और आस-पास के लोगों को उनके बैंक खातों के करेंट अकाउंट और ऑनलाइन यूजर पासवर्ड लेकर आरोपी को भेज देता था। खाताधरकों को कुल ट्रांजेक्शन का 0.7 प्रतिशत कमीशन देने का वादा करके खाता खुलवाता था।
