Maha Shivratri 2023 : प्रयागराज के इस मंदिर में महादेव करते हैं भक्तों की मनोकामना पूरी, यहां की प्राकृतिक छटा है निराली

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2023, 03:24 PM IST

Maha Shivratri 2023 : यमुना के तट पर रोग से ग्रसित होने के चलते मंदिर की स्थापना के लिए स्वयं भगवान शिव ने चंद्रमा को निर्देश दिया था। भोलेनाथ की आज्ञा पाकर चंद्रमा ने सोमेश्वर नाथ मंदिर की स्थापना की थी। इसकी पौराणिक मान्यता ये भी है कि, मंदिर क्षेत्र के आस पास अमृत की वर्षा होती है। इसके अलावा मंदिर पर विराजित त्रिशूल की दिशा भी चन्द्रमा के साथ बदलती रहती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • भोलेनाथ की आज्ञा से चंद्रमा ने सोमेश्वर नाथ की स्थापना की थी
  • मंदिर पर विराजित त्रिशूल की दिशा भी चन्द्रमा के साथ बदलती है
  • यहां पर शिव की आराधना करने के बाद भक्तों को कोई कष्ट नहीं घेरता


Maha Shivratri 2023 : संगम नगरी प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित है पौराणिक महादेव का सोमेश्वर नाथ मंदिर। जिसकी महिमा पौराणिक कालों से बताई जाती है। कहा जाता है कि, गांव अरैल में यमुना के तट पर रोग से ग्रसित होने के चलते मंदिर की स्थापना के लिए स्वयं भगवान शिव ने चंद्रमा को निर्देश दिया था।

Prayagraj someshwar Temple Story

प्रयागराज के सोमेश्वर मंदिर में महादेव की आज्ञा से स्वयं चंद्रमा वास करते हैं

इसके बाद भोलेनाथ की आज्ञा पाकर चंद्रमा ने सोमेश्वर नाथ मंदिर की स्थापना की थी। इसकी पौराणिक मान्यता ये भी है कि, मंदिर क्षेत्र के आस पास अमृत की वर्षा होती है। इसके अलावा मंदिर पर विराजित त्रिशूल की दिशा भी चन्द्रमा के साथ बदलती रहती है। इस बार प्रयागराज आएं तो इस मंदिर में जरूर जाएं। बताया जाता है कि, यहां पर बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। इस इलाके की आसपास की छटा बड़ी निराली है। प्रकृति ने यहां जमकर अनुपम सौंदर्य बिखेरा है।

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