Maha Shivratri 2023: संगम नगरी के इस मंदिर में आज भी बाबा भोलेनाथ की लगती है कचहरी, भगवान राम ने किया था यहां शिवलिंग स्थापित, जानिए पूरा रहस्य

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 03:32 PM IST

Maha Shivratri 2023: त्रिवेणी संगम की पावन नगरी में मोक्षदायिनी मां गंगा के तट पर स्थित शिवकुटी पुरम में बाबा कोटेश्वर महादेव विराजमान हैं। कहा जाता है कि, त्रेतायुग में मौजूद इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी। कोटेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना के बाद से ही इसके अहाते में शिव का दरबार लगता है। जिसमें इंद्रलोक से समस्त देवी - देवता अप्रत्यक्ष तौर पर उपस्थित होते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • बाबा कोटेश्वर महादेव की स्थापना भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी
  • गंगा के तट पर शिवकुटी पुरम में है बाबा कोटेश्वर महादेव विराजमान
  • कचहरी में बाबा के भक्तों समेत देवी - देवता अपनी फरियाद सुनाते हैं


Maha Shivratri 2023: प्रयागराज में महादेव का एक अनूठा प्राचीन मंदिर है, जहां बाबा आज भी अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। त्रिवेणी संगम की पावन नगरी में मोक्षदायिनी मां गंगा के तट पर स्थित शिवकुटी पुरम में बाबा कोटेश्वर महादेव विराजमान है। कहा जाता है कि, त्रेतायुग में मौजूद इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी।

Koteshwar Temple Prayagraj

प्रयागराज के कोटेश्वर शिव मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी (फाइल फोटो)

महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक है, ऐसे में भगवान शिव के भक्तों को बताते हैं कुछ खास ऐसे मंदिर जहां के कंकर -कंकर में शंकर का वास है। तो चलिए ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताते हैं, जहां का पौराणिक महत्व इतना है कि, आज भी भोले के दीदार के लिए उसकी चौखट पर लगता है भक्तों का तांता। यहां पर महादेव की कृपा ऐसी की प्रभु श्रीराम को भी उनके दर्शनों के लिए संगम के तीरे आना पड़ा।

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