Magh Mela 2023: प्रयागराज के संगम तट पर एक ही टेंट के नीचे चार पीढ़ियों का अनूठा कल्पवास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 9, 2023, 09:25 PM IST

Magh Mela 2023: प्रयागराज के संगम तट पर शुरू हुए माघ मेले में इस बार संस्कृति-परंपरा और संस्कारों का एक अद्भुत मिलन देखने को मिल रहा है। माघ मेला क्षेत्र में जीवन की हर लालसा पूरी कर चुके बुजुर्ग अपने मोक्ष की कामना करते हुए कल्पवास कर रहे हैं। मौसम साफ होने के कारण संगम तट पर बसे माघ मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • माघ मेले में देखने को मिल रहा है संस्कृति-परंपरा और संस्कारों का अद्भुत मिलन
  • तंबुओं की नगरी में जप, तप और ध्यान की संस्कृति का रंग हो चुका है गाढ़ा
  • माघ मेला क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है


Magh Mela 2023: प्रयागराज के संगम तट पर शुरू हुए माघ मेले में 1 महीने के कल्पवास में इस बार संस्कृति-परंपरा और संस्कारों का अद्भुत मिलन देखने को मिल रहा है। माघ मेला क्षेत्र में जीवन की हर लालसा पूरी कर चुके बुजुर्ग अपने मोक्ष की कामना करते हुए कल्पवास कर रहे हैं, वहीं खेलने-कूदने की आयु में बच्चे अपनी परंपरा को जानने-समझने और आत्मसात करने के लिए माघ मेले में आ रहे हैं। मध्य प्रदेश का एक परिवार एक ही तंबू के नीचे 4 पीढ़ियों एक साथ कल्पवास कर रहा है।

Magh Mela

संगम तट पर टेंट नगरी (फाइल फोटो)

प्रयागराज संगम तट पर तंबुओं की नगरी में एक महीने के लिए जप, तप, ध्यान की संस्कृति का रंग गाढ़ा हो चुका है। पौष पूर्णिमा से यज्ञशालाओं में हवन, पंडालों में सत्संग, कीर्तन और कथाओं के बीच कल्पवास के लिए सभी आयु के लोग माघ मेला क्षेत्र में खिंचे चले आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और अन्य प्रदेश से आए संतों -गृहस्थों के मां गंगा से अपने-अपने संकल्प हैं।

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