Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को कुंभनगरी प्रयागराज से जोड़ेगा। मेरठ व अन्य आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक्सप्रेसवे का सबसे अधिक लाभ होगा। हाल ही में यूपीडा द्वारा 9 दिसंबर को गंगा एक्सप्रेसवे की प्रोग्रेस रिपोर्ट आधिकारिक वेबसाइट पर शेयर की गई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य 66 प्रतिशत पूरा हो गया है। शेष 34 प्रतिशत का कार्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। सीएम योगी की इस महत्वकांक्षी परियोजना का कार्य नवंबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। नवंबर 2025 से गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां फर्राटे से दौड़ती नजर आएंगी।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपड़ेट
गंगा एक्सप्रेसवे का 66 प्रतिशत काम पूरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे का 66 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। 34 प्रतिशत कार्य अभी बाकी है। जानकारी के अनुसार, कैरिजवे में मिट्टी का काम 88 प्रतिशत हुआ है। सी एंड जी मेन कैरिजवे का 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जीसीबी कैरिजवे का 69 प्रतिशत, डब्ल्यूएमएम कैरिजवे का 66 प्रतिशत, डीबीएम कैरिजवे का 63 काम पूरा हो चुका है। कुल मिलाकर 66 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष कार्य भी जल्द से जल्द पूरा करने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि इस परियोजना को नवंबर 2025 तक पूरा किया जाना है। यह योजना की तय कार्य अवधि है।
यूपीडा द्वारा 9 दिसंबर को आधिकारिक वेबसाइट upeida.up.gov.in/en/page/ganga-expressway पर गंगा एक्सप्रेसवे की प्रोग्रेस रिपोर्ट शेयर की गई थी। इसके अलावा वेबसाइट पर पहले की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी उपलब्ध है, जिसे आप आसानी से चेक कर सकते हैं।
अंडरपास के निर्माण में आई तेजी
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट पर 26 अंडरपास का निर्माण किया जाना है। इतना ही नहीं ग्रामीणों की मांग के आधार पर 5 से 6 स्थानों पर अंडरपास प्रस्तावित किए गए, जिनका कार्य चल रहा है। पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के इंजीनियरों की मानें तो अंडरपास का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इतना ही नहीं कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बसीरतगंज व कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नेवरना में 1-1 फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। बता दें कि इसका कार्य भी 60 प्रतिशत पूरा हो गया है और सड़कों पर मिट्टी भरने का कार्य किया जा रहा है। जल्द से जल्द शेष 40 प्रतिशत कार्य भी पूरा किया जाएगा।
