आखिरकार वो दिन आ गया, जिसका इंतजार पूरे देश को था। आज 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण पतिष्ठा की जाएगी, जिसेक बाद प्रभु मंदिर में विराजमान होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने सिर्फ अपने पिता के एक वचन को निभाने के लिए 14 वर्षों का वनवास हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया था और माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान किया था। वनवास के दौरान उन्हें कई तरह की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। फिर रावण का वध करने के बाद जब 14 वर्षों का वनवास खत्म हुआ तो आज की तरह त्रेतायुग में भी अयोध्या वासी श्रीराम के लौटने का इंतजार कर रहे थे।
अयोध्या लौटने से पहले यहां रुके थे श्रीराम
लेकिन क्या आप जानते हैं वनवास खत्म होने के बाद श्रीराम सीधे अयोध्या नहीं लौटे थे। जी हां, अयोध्या लौटने से पहले रामलला माता सीता और लक्ष्मण के साथ उस स्थान पर गए थे, जहां राम की खड़ाव रखकर उनके भाई भरत अपना राजपाठ संभालते थे। वनवास खत्म होने के बाद पुष्पक विमान से श्रीराम माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ नंदीग्राम पहुंचे थे।
इस दिन अयोध्या लौटे थे राम
कहा जाता है कि नंदीग्राम में एक दिन रुकने के बाद अगले दिन राम अयोध्या लौटे थे। यह भी उल्लेख मिलता है कि रावण का वध अगर दशमी को हुआ था तो उसके अगले दिन माता सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी, जिसके बाद प्रभु राम अयोध्या लौटे थे।
हर तरफ है राम नाम की धुन
नंदीग्राम में उनका भव्य स्वागत किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए राजा दशरथ की तीनों रानियां भी वहां पहुंची थीं। साथ ही अयोध्या वासी भी नंदीग्राम पहुचे थे। उसके अगले दिन प्रभु राम अयोध्या आए थे। तब वहां घर-घर दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया गया था। आज भी अयोध्या सहित पूरे देश में उत्साह और प्रेम का माहौल है। हर तरह बस राम नाम की गूंज है। पूरा देश राम के धुन में मग्न है।
