NEET 2025 Fraudsters Arrested: बिहार के समस्तीपुर से NEET 2025 में धांधली कराने वाले दो जालसाजों को पुलिस ने दबोचा है। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि परीक्षा में तकनीकी रूप से छेड़छाड़ करते थे और मूल अभ्यर्थियों के बदले दूसरे फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाते थे। इसी तरीके को आम बोलचाल में मुन्नाभाई कहते हैं। इस मुन्नाभाई गिरोह के बारे में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एसपी ने टीम का गठन किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के दो सदस्यों को संदिग्ध स्थिति में गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं।
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
इस मामले में समस्तीपुर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एएसपी) संजय कुमार पांडेय प्रेस वार्ता कर बताया कि जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर NEET 2025 परीक्षा निर्धारित थी। कदाचार मुक्त परीक्षा के सफल संचालन के लिए संबंधित थाना की पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियां भी सतर्क रहकर निगरानी कर रहीं थीं। इसी क्रम में समस्तीपुर पुलिस को सूचना मिली कि एक गिरोह के सक्रिय सदस्य समस्तीपुर जिला में कार से घूम कर परीक्षा में तकनीकी रूप से छेड़छाड़ करने की जालसाजी कर रहे हैं। समस्तीपुर पुलिस को इस मामले की सूचना जैसे ही प्राप्त हुई जिले के एसपी ने एक स्पेशल टीम का गठन किया। इसके बाद क्विक एक्शन हुआ और एसआईटी ने त्वरित रूप से तकनीकी और मानवीय इंटेलिजेंस के आधार पर कार को परीक्षा केंद्रों के आसपास लगातार मंडराते देखा। निगरानी और तकनीकी साक्ष्य प्राप्त करने के बाद इस मामले का सत्यापन किया गया और मोहनपुर पुल के पास संदिग्ध अवस्था पकड़ लिया गया। इनसे पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हो गया।
मोबाइल से बरामद हुए संदिग्ध दस्तावेज
पकड़े गए दोनों व्यक्तियों में से एक की पहचान रामबाबू मलिक पुत्र सुरेश मलिक के तौर पर हुई है। वह दरभंगा जिले के लहेरिया सराय के रामगंज काली मंदिर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं, दूसरे व्यक्ति की पहचान डॉक्टर रंजीत कुमार के रूप में हुई है जो समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के बेलसंडी का रहने वाला है। दोनों ने पूछताछ के क्रम में बताया कि NEET 2025 की परीक्षा में समस्तीपुर और अन्य जगहों पर ये मूल अभ्यर्थियों के बदले फर्जी अभ्यर्थियों के बैठने के लिए पहचान पत्र और हस्ताक्षर जारी करते थे। इन दोनों ने फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने की सेटिंग करने की बात भी स्वीकार कर ली है। इनके पास से बरामद मोबाइल में परीक्षा से संबंधित बहुत सारे कागजात और परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पाए गए हैं।
