Muzzaffarpur News: बिहार में दो साल पहले एक चालान कटा। चालान था ओवरस्पीडिंग का और कार की रफ्तार थी, शून्य किलोमीटर प्रति घंटे। फोन पर मैसेज आया कि राजस्थान पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के चलते 2 हजार रुपये का आपका चालान काटा है। चालान की राशि 2 हजार रुपये। आपको भले इस बात पर हैरानी हो रही हो या हंसी आ रही हो लेकिन सन्नी कर्ण आज भी न्याय की तलाश में दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
जीरो की स्पीड पर कटा 2000 का चालान (सांकेतिक तस्वीर)
क्या है मामला
घटना 2023 की है, 30 जून को सन्नी कर्ण मुजफ्फरपुर शहर के मुख्य मार्ग पर गाड़ी से पटना जा रहे थे। रास्ते में एक जगह उन्होंने अपनी गाड़ी को किनारे लगाने के लिए स्पीड कम की। सन्नी के मुताबिक गाड़ी की स्पीड 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। इसी दौरान उनका चालान कट गया। जब उन्होंने चालान डाउनलोड करके देखा तो उसपर गाड़ी नंबर बीआर 50वी 4599 का चालान कटा था। जिसे राजस्थान पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के लिए काटा था, ऑनलाइन कॉपी में गाड़ी की स्पीड शून्य थी। बिहार में राजस्थान पुलिस का चालान वो भी शून्य की स्पीड पर ओवरस्पीडिंग का, ये सब देखकर सन्नी को विश्वास नहीं हुआ। इस मामले का दो साल से निस्तारण नहीं हो पाया है।
चालान जमा कराने पर ही होगा निस्तारण
गाड़ी प्रज्ञा कुमारी नाम से मुजफ्फरपुर में सुपौल डीटीओ की ओर से रजिस्टर्ड है। सन्नी प्रज्ञा के पति हैं चालान के दौरान वही गाड़ी चला रहे थे। विभाग ने तकनीकी गड़बड़ी को स्वीकार किया है, लेकिन सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। इसका मतलब यह है कि भले ही चालान गलत तरीके से जारी किया गया हो, वाहन मालिक को जुर्माना राशि जमा करनी होगी।
बिना गलती चालान भरने को तैयार नहीं हैं मालिक
ट्रैफिक पुलिस से लेकर DTO तक चक्कर काटने के बाद भी आज तक इस गाड़ी के मालिक को न्याय नहीं मिला है। सन्नी कर्ण ने बताया कि उन्होंने ग्रीवांस को मेल भी किया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। पहले तो कोई दिक्कत नहीं होती थी लेकिन अब पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने ये भी कहा कि चालान भरना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन मेरी अंतरात्मा इस बात की गवाही नहीं दे रही है। जो काम मैंने किया ही नहीं उसका हर्जाना क्यों भरूं। ट्रैफिक पुलिस की टेक्निकल मिस्टेक है, उनको सुधार करना चाहिए। दूसरी तरफ ट्रैफिक विभाग तकनीकी गलती का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
