बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पिंक टॉयलेट का निर्माण शुरू करवाया है। निकायों में पिंक टॉयलेट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिनका संचालन और उपयोग महिलाएं करेंगी। सार्वजनिक स्थलों पर यौन उत्पीड़न और हिंसा से सुरक्षा के साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य व गरिमा को बनाए रखने के लिए भी सरकार की यह पहल प्रशंसनीय है।
बिहार में महिलाओं के लिए बनेंगे पिंक टॉयलेट (फोटो - बिहार सरकार फेसबुक पेज)
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और निजी स्वच्छता सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट उपलब्ध कराने की पहल की है। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाने की घोषणा की थी।
राज्य सरकार की उक्त घोषणा के तहत महिलाओं के लिए कई शहरों में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत कुल 10 निकायों में 70 सीटों के पिंक टॉयलेट बनाए जा रहे हैं। यही नहीं सरकार की 6 नगर निकायों में भी 30 सीटों की पिंक टॉयलेट बनाने की योजना है।
पिंक टॉयलेट के निर्माण के लिए कुल 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बिहार में बड़े पैमाने पर उच्च कोटि की स्वच्छता और अन्य सुविधाओं युक्त पिंक टॉयलेट बनाए जा रहे हैं।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार का कहना है कि महिलाओं और लड़कियों को उच्च कोटि की निजी स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पिंक टॉयलट एक नवील पहल है। इन पिंक टॉयलेट में बिजली, पानी, साफ-सफाई के साथ सेनेटरी पैड की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।
इन नगर निकायों में बनेंगे पिंक टॉयलेट
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने उन निकायों की जानकारी दी, जिनमें पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। यै हैं उनके नाम -
गयाजी नगर निगम
मुजफ्फरपुर नगर निगम
बिहारशरीफ नगर निगम
पूर्णिया नगर निगम
सासाराम नगर निगम
सीतामढ़ी नगर निगम
राजगीर नगर परिषद
बोधगया नगर परिषद
सुल्तानगंज नगर परिषद
भभुआ नगर परिषद
बड़हिया नगर परिषद
बक्सर नगर परिषद
जाले नगर परिषद
सिंहवाड़ा नगर पंचायत
कमतौल-अहियारी नगर पंचायत
देव नगर पंचायत
पिंक टॉयलेट में इस्तेमाल हो चुके सेनेटरी पैड के निस्तारम की भी सुविधा होगी। पिंक टॉयलेट के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे। इन पिंक टॉयलेट में महिला केयर टेकर को तैनात किया जाएगा।
