बिहार में कुदरत का कहर, नालंदा समेत कई जिलों में आंधी-तूफान से 25 की मौत; मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट

बिहार के नालंदा जिले के अलग अलग इलाके में तेज आंधी के कारण अबतक 22 लोगों की मौत हुई है। पूरे राज्य में आज 25 लोगों की मौत की खबर है। नालंदा में आंधी-बारिश से चरमराई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।

पटना : नालंदा में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने कहर बरपा दिया। जिला प्रसाशन ने प्राकृतिक आपदा भीषण तूफान में जिलेभर में 22 लोगों की मृत्यु की बात कही है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और दीवारें गिर गईं, जिससे अलग-अलग घटनाओं में कुल 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सबसे गंभीर हादसा ऐतिहासिक नालंदा खंडहर परिसर में हुआ, जहां तेज आंधी के झोंके से एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड राकेश कुमार (28 वर्ष), निवासी सरिलचक गांव, पेड़ के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। राज्य सरकार से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पूरे राज्य में खराब मौसम आंधी-तूफान की चपेट में आने से अबतक 27 लोगों की मौत हो चुकी है।

Nalanda storm Accident Death

नालंदा में आंधी-तूफान 20 लोगों की मौत

यहां कुदरत ने ढाया कहर

मरने वालों में नूरसराय से 1, बिहारशरीफ 7, गिरीयक में 1, रहुई देकपूरा में 2, इस्लामपुर में 3, हरनौत चैनपुर 2, सिलाव से 2 लोग शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, अधिकांश मृत्यु वृक्ष गिरने से हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी मृतकों का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके लिए चिकित्सकों की विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही घायलों का इलाज जारी है। इसके अलावा सड़कों पर से गिरे हुए वृक्षों को हटाने के लिए 54 टीम पूरे जिले में लगाई गई हैं। रातभर में सभी मुख्य मार्गों को चालू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विद्युत व्यवस्था को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिसमें 18 km lt लाइन और 320 से ज्यादा पोल को नुकसान हुआ है। विद्युत संपर्क चालू करने के लिए 42 टीम लगी है। सभी टीम और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि रातभर कार्य कर लोगों को सहूलियत पहुंचाएं। नालंदा के जिलाधीकारी शशांक सुभनकर ने अब तक तेज तूफान और वज्रपात से 22 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

End of Feed