पटना : नालंदा में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने कहर बरपा दिया। जिला प्रसाशन ने प्राकृतिक आपदा भीषण तूफान में जिलेभर में 22 लोगों की मृत्यु की बात कही है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और दीवारें गिर गईं, जिससे अलग-अलग घटनाओं में कुल 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सबसे गंभीर हादसा ऐतिहासिक नालंदा खंडहर परिसर में हुआ, जहां तेज आंधी के झोंके से एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड राकेश कुमार (28 वर्ष), निवासी सरिलचक गांव, पेड़ के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। राज्य सरकार से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पूरे राज्य में खराब मौसम आंधी-तूफान की चपेट में आने से अबतक 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
नालंदा में आंधी-तूफान 20 लोगों की मौत
यहां कुदरत ने ढाया कहर
मरने वालों में नूरसराय से 1, बिहारशरीफ 7, गिरीयक में 1, रहुई देकपूरा में 2, इस्लामपुर में 3, हरनौत चैनपुर 2, सिलाव से 2 लोग शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, अधिकांश मृत्यु वृक्ष गिरने से हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी मृतकों का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके लिए चिकित्सकों की विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही घायलों का इलाज जारी है। इसके अलावा सड़कों पर से गिरे हुए वृक्षों को हटाने के लिए 54 टीम पूरे जिले में लगाई गई हैं। रातभर में सभी मुख्य मार्गों को चालू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विद्युत व्यवस्था को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिसमें 18 km lt लाइन और 320 से ज्यादा पोल को नुकसान हुआ है। विद्युत संपर्क चालू करने के लिए 42 टीम लगी है। सभी टीम और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि रातभर कार्य कर लोगों को सहूलियत पहुंचाएं। नालंदा के जिलाधीकारी शशांक सुभनकर ने अब तक तेज तूफान और वज्रपात से 22 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
बिहार में कुल 25 लोगों की मौत
बिहार के कई जिलों में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चपेट में आने से 25 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, नालंदा में 18 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सीवान में दो, कटिहार, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और जहानाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन घटनाओं में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। बुधवार को बिहार के चार जिलों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 13 लोगों की मौत हो गई थी।
इन जिलों में अलर्ट
आईएमडी ने दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, अररिया, सुपौल, गया, सीतामढ़ी, शिवहर, नालंदा, नवादा और पटना सहित कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (सावधान रहें) जारी किया है। इन जिलों में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा, ‘‘मधुबनी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, अररिया, सुपौल, गया, सीतामढ़ी, शिवहर, नालंदा, नवादा, पटना में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना है।
