Parli Municipal Council Floor Leader Election: महाराष्ट्र के बीड जिले के परली नगर परिषद में फ्लोर लीडर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और AIMIM ने आपसी तालमेल बनाते हुए गठबंधन किया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला करते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया। वहीं, परली नगर परिषद में AIMIM की एकमात्र महिला पार्षद ने भी शिंदे गुट और अजित पवार गुट को समर्थन देकर सभी को चौंका दिया।
परली के फ्लोर लीडर चुनाव से राजनीतिक हलचल तेज
राजनीति में नया समीकरण
परली नगर परिषद में कुल 23 नगरसेवकों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के फ्लोर लीडर को समर्थन दिया। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के 16, शिवसेना (शिंदे गुट) के 2, AIMIM का 1 और 4 निर्दलीय नगरसेवक शामिल हैं। इस तरह बीड जिले के परली नगर परिषद के फ्लोर लीडर चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट), शिवसेना (शिंदे गुट) और AIMIM एक मंच पर आते नजर आए, जिसने स्थानीय राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया है।
एक ही गुट में शामिल होकर पेश करेंगे समर्थन पत्र
राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और AIMIM ने एक ही गुट में शामिल होकर बीड के जिला अधिकारी के सामने अपना समर्थन पत्र प्रस्तुत किया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव के दौरान परली में “महायुति” के तहत भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था और भारी बहुमत हासिल किया था। उसी महायुति से नगर अध्यक्ष का पद भी राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के हिस्से में आया था।
महायुति में दरार नजर आई
हालांकि, नगर निगम में फ्लोर लीडर चुनाव के समय महायुति में दरार नजर आई। भाजपा के 7 नगरसेवकों ने दो निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर महायुति से अलग रास्ता अपनाया और कुल 9 सदस्यों के समर्थन से अपना अलग फ्लोर लीडर चुन लिया। दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और AIMIM की एक पार्षद एकजुट होकर सामने आए और उन्होंने मिलकर फ्लोर लीडर का चुनाव किया। शिवसेना (शिंदे गुट) और AIMIM के एक साथ आने से परली सहित पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
परली नगर निगम में कुल 35 सीटें
परली नगर निगम में कुल 35 सीटें हैं। फ्लोर लीडर चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के 16, शिवसेना (शिंदे गुट) के 2, AIMIM की 1 और 4 निर्दलीय नगरसेवक मिलाकर कुल 23 सदस्यों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के गुट नेता को समर्थन दिया। वहीं, भाजपा के 7 नगरसेवकों ने दो निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर कुल 9 सदस्यों के समर्थन से अलग गुट बनाकर अपना नेता चुना। जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के 2 और कांग्रेस का 1 नगरसेवक किसी भी गुट के साथ शामिल नहीं हुआ।
अंबादास दानवे ने साधा निशाना
परली नगर निगम में शिवसेना (शिंदे गुट) और AIMIM के बीच बने गठबंधन को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है। दानवे ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिंदे को निशाने पर लेते हुए उनके राजनीतिक रुख पर सवाल खड़े किए।
अपने ट्वीट में अंबादास दानवे ने कहा कि परली नगर निगम में शिंदे गुट, AIMIM और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के गठबंधन को देखने के बाद अब एकनाथ शिंदे को अपनी “बगावत” और “सिद्धांतों” की बातों पर विराम लगा देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता खुद को नेशनलिस्ट न होने की बात करता था, वह अब सीधे AIMIM के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
दानवे ने आगे आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए शिंदे ने उन्हीं ताकतों से हाथ मिला लिया, जिनकी वह पहले आलोचना करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही एकनाथ शिंदे की असली वैचारिक पहचान है। साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने परली में सत्ता के नए समीकरण और उसकी असली तस्वीर देख ली है। अंत में दानवे ने व्यंग्यात्मक अंदाज में इस नए गठबंधन को “बधाई” भी दी।
