Noida News: भारत में 74वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। देश को आजादी दिलाने में गौतमबुद्धनगर का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। न केवल यहां के वीर क्रांतिकारियों ने आजादी की जंग में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि जिले को देश के महान क्रांतिकारियों की शरणस्थली होने का तगमा भी मिला। नोएडा सेक्टर -145 स्थित नलगढ़ा गांव में रखा एक पत्थर इस बात का गवाही देता है।
गौतमबुद्धनगर के नलगढ़ा गांव में आज भी मौजूद है वो पत्थर से जिससे बम बनाते थे भगत सिंह
बता दें कि, अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु आजाद हिंद फौज में रहे करनैल सिंह के यहां पर करीब छह सालों तक छिपे रहे। नलगढ़ा गांव में ही क्रांतिकारियों ने वह बम तैयार किया जिसे 8 अप्रैल 1929 को नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश हुकूमत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली के सभागार में फेंका गया था। यहां आकर देश के महान क्रांतिकारी अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन की गुप्त रणनीति भी अख्तियार किया करते थे।
