Corona Period School Fees: प्राइवेट स्कूलों में कोरोना काल के दौरान (2020-21) ली गई फीस स्कूलों को एडजस्ट करना होगा। फीस का 15 प्रतिशत एडजस्ट करने के लिए एक सप्ताह में शिक्षा विभाग को रिपोट देनी होगी। कई स्कूल कोर्ट का हवाला देकर एडजस्ट नहीं कर रहे थे। प्रदेश सरकार ने बुधवार को नया आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि फीस एडजस्ट करना होगा। एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक जिला विध्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने इस बारे में गुरुवार को सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को लेटर भेजा है। कोर्ट का फैसला आने तक स्कूल छोड़ चुके छात्र-छात्राओं को फीस लौटाने के मामले में रोक लगी रहेगी।
कोरोना के दौरान ली गई स्कूल फीस को एडजस्ट करने का आदेश
गौर हो कि कोरोना काल के दौरान प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन हुई। इस दौरान स्कूल मैनेजमेंट ने पूरी फीस ले ली। फिर इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 प्रतिशत फीस वापस करने का आदेश दिया था।
हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक यूपी सरकार ने 16 फरवरी को सभी बोर्ड के स्कूलों को पढ़ रहे छात्रों की फीस एडजस्ट करने करने आदेश दिया था। इसमें स्कूल से पास हो चुके और स्कूल छोड़ चुके छात्रों को 15 प्रतिशत फीस वापस करने को कहा गया था।
एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर 24 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 100 स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। स्कूलों पर 1-1 लाख जुर्माना लगाया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि कोरोना काल में 15 प्रतिशत फीस के मुद्दे को लेकर कुछ स्कूल मैनेजमेंट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने चार मई को पूर्व छात्रों की फीस वापस करने पर रोक लगाई थी।
