Noida News : नोएडा और इसके आसपास के इलाके में ठगी करने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। लगातार इन मामलों में वृद्धि होती जा रही है। लोगों से रुपये ऐंठने के चक्कर में आरोपी उनको तरह-तरह के लालच देते हैं। ऐसा ही कुछ एक बार फिर हुआ है यूपी के नोएडा में। यहां पर एक ही दिन में दो मामले सामने आए। एक मामले में पुलिस ने उस गिरोह का पर्दाफाश किया जो युवाओं को जॉब दिलाने के नाम पर ठगता था। वहीं, दूसरे मामले में ठगों ने रिश्तेदार बनकर फोन किया और महिला को ठगी का शिकार बना लिया।
नोएडा में बढ़ रहीं ठगी की घटनाएं। (प्रतीकात्मक फोटो)
फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश
नोएडा के सेक्टर 63 की कोतवाली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। जहां से ठग युवाओं को जॉब दिलाने के नाम पर उनसे लाखों की रकम हड़प लेते थे। पुलिस ने कथित कॉल सेंटर से नकदी और सामान बरामद किया है। आरोपियों ने खुद बताया है कि वे अब तक सैकड़ों लोगों से लाखों की ठगी कर चुके हैं। आरोपी गिरोह बनाकर पहले बेरोजगारों की लिस्ट तैयार करते थे और फिर सिलसिलेवार ढंग से उनको कॉल करते थे। तमाम तरीके की फीस बताकर उनसे हजारों रुपये ले लिए जाते थे और ये प्रोसेस होते ही अपना फोन बंद कर लेते थे। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, आफर लेटर और भी बहुत से डॉक्यूमेंट्स बरामद किए गए हैं। वहीं, ठगी का शिकार हो चुके लोगों को भी ढूंढ़ा जा रहा है।
रिश्तेदार बताकर ठगे चार लाख
गाजियाबाद के ओल्ड पंचवटी कॉलोनी निवासी शिवांश वशिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनकी मां को एक अनजान नंबर से फोन आया। आरोपी ने उन्हें उनका रिश्तेदार बताया। इसके बाद उसने दोस्त के एक्सीडेंट की बात कही। कुछ देर बाद उसी नंबर से शिवांश को भी आरोपी ने कॉल किया और फिर झूठी कहानी बतलाकर दोस्त को वसुंधरा स्थित अस्पताल ले जाने की बात कही। शिवांश ने बताया है कि उपचार के नाम पर आरोपी ने एक लाख रुपये और फिर ऐसे ही करते-करते चार लाख रुपये ठग लिए। जब उन्होंने दोबारा फोन मिलाया तो लगा नहीं इस पर उन्हें शक हुआ। काफी देर के बाद तब उन्होंने रिश्तेदार को फोन मिलाया तो जानकारी हुई कि ऐसा कोई हादसा हुआ ही नहीं है। पुलिस ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
