Noida News: नोएडा से अन्य शहरों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर हैं। नोएडा डिपो से 20 नई बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इन नई बसों को पुरानी बसों के स्थान पर चलाया जाएगा। डिपो में जो बसें नीलामी के मानक को पूरा करेंगी, उन्हें सड़कों से हटा दिया जाएगा और उनके स्थान पर ये नई बसें लाई जाएंगी। हालांकि इसपर अभी फैसला नहीं किया गया और आचार संहिता हटने के बाद ही इसपर फैसला होगा। डिपो से मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव के बाद जून से इन बसों को चरणबद्ध तरीके से रूट से हाटाया जाएगा। डिपो के अनुसार पुरानी बसों को हटाने और नई बसों के मिलने के अंतराल समय में यात्रियों की सुविधा के लिए बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
नोएडा डिपो से चलेंगी नई बसें (फोटो साभार - ट्विटर)
डिपो के पास 180 साधारण बसें
नोएडा डिपों के पास वर्तमान में 180 साधारण बसें है। ये बसें डिपो से लखनऊ, अयोध्या, आगरा, मथुरा, हरिद्वार, कोटद्वार, बुलंदशहर, एटा, कासगंज, बदायूं समेत कई शहरों के लिए चलती हैं। डिपो के पास अभी कोई एसी बसें नहीं हैं। इन बसों में से जो बसे नीलामी के मानकों को पूरा करेंगी, उनके स्थान पर नई बसें लाई जाती हैं। इनमें अधिकतर बसे स्थानीय रूट पर चलती हैं। पिछले साल भी डिपो को 36 नई बसें मिली थी। इनके स्थान पर नीलामी के मानकों को पूरा करने वाली पुरानी बसों को हटाया गया था। इस साल यह प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के बाद होगी।
चुनाव होने बाद मिलेंगी बसे
गौतमबुद्ध नगर के क्षेत्र प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि नीलामी के मानकों को पूरा करने वाली पुरानी बसों को समयानुसार सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि अभी लोकसभा चुनाव के चलते देशभर में आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण पुरानी बसों के स्थान पर कितनी बसें मिलेंगी, इस पर मुख्यालय स्तर पर फैसला चुनाव के बाद होगा। फिलहाल डिपो से पुरानी बसों के हटने और नई बसों के मिलने के अंतराल समय में यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस दौरान जरूर पड़ने पर बसों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही कम भीड़ वाले रूट से बसों को कम करके ज्यादा भीड़ वाले रूट पर चलाया जाएगा।
