Digital Arrest: ठगी की वारदात भी समय के साथ डिजिटल का रूप लेती जा रही है। इसी प्रकार का एक मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा से सामने आया है। यहां डिजिटल अरेस्ट कर एक युवती को ठगा गया है। शहर में इस तरह की ये पहली वारदात है। जानकारी के अनुसार इस घटना में 11 लाख रुपये की ठगी हुई है।
नोएडा में आईटी इंजीनियर युवती को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की घटना को दिया अंजाम
साइबर जालसाजों ने नोएडा में डिजिटल अरेस्ट ठगी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में जिस युवती को ठगा गया है वो आईटी इंजीनियर है। युवती 8 घंटे तक डराकर-धमकार घर में अकेला रहने को मजबूर कर दिया था इन साइबर जालसाजों ने। डिजिटल अरेस्ट ठगी के दौरान युवती को न अपने परिवार से न ही किसी दोस्त से बात करने की इजाजत दी गई थी।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फसाने की दी धमकी
साइबर बदमाशों ने युवती को डरा कर ठगने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग केस में फसाने की धमकी देते हुए 11 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद युवती ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। युवती की शिकायत पर मामला दर्ज करते हुए साइबर क्राइम थाने ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच पड़ताल में डिजिटल अरेस्ट की वारदात का खुलासा किया गया।
जानकारी के अनुसार युवती नोएडा सेक्टर 34 में स्थित धवलगिरी अपार्टमेंट रहती है। वे आईटी इंजीनियर है। घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन पर बात करने वाले ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने युवती को बताया कि उनके आधार कार्ड का प्रयोग कर एक सिम कार्ड खरीदा गया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। इसकी जांच का हवाला देते हुए स्काइप कॉल ट्रांसफर किया गया, जहां तीन बदमाशों ने क्राइम ब्रांच, कस्टम और मुंबई पुलिस बनकर युवती को डराया और ठगी की घटना को अंजाम दिया। बता दें कि ये स्काइप कॉल करीब 8 घंटे तक चली थी। 11 लाख रुपये ट्रांसफर होते ही कॉल कट गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज किया।
क्या होता है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट की घटना को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अंजाम दिया जाता है। इसमें व्यक्ति को डराया धमकाया जाता है ताकि वह वीडियो कॉल से दूर न जाए और एक स्थान पर कैद रहे। उसी दौरान ठगी की पूरी घटना को अंजाम दिया जाता है।
