Noida News: वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया और उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कर्मचारियों के लिए अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा कि श्रमिकों की सुविधाएं सुनिश्चित हों। नोएडा में प्रदर्शन को लेकर सीएम योगी ने बयान जारी करते हुए कहा कि श्रम कानूनों का कंपनियों को जल्द से जल्द पालन शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा कि तुरंत कर्मचारियों से कंपनियां बात करें।
Noida Chakka Jam: नोएडा में क्यों उग्र हो गए कर्मचारी? कारों में तोड़फोड़, पत्थरबाजी; सीएम योगी बोले- 24 घंटे में...
प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की, पत्थरबाजी की। बड़ी संख्या में मजदूर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर एकत्र हुए हैं। झड़प के बाद स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। पत्थरबाजी से हालात और बिगड़ गए।
सीएम योगी ने क्या ऑर्डर दिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर में कामगारों को बड़ी राहत दी है, जिसमें अनिवार्य डबल ओवरटाइम वेतन, समय पर मजदूरी, बोनस भुगतान और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा शामिल है। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत, गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे यह जिला राज्य में श्रम सुधारों के लिए एक मिसाल बन गया है।
सीएम योगी की बैठक की बड़ी बातें
-हर श्रमिक को मिले सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों।
-औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें, श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो।
-सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें।
-श्रम विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों से सतत संवाद स्थापित करे।
-श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें, औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं।
-देश में मृतप्राय नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश से रहें सावधान, भड़काऊ गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं और कामगारों के अधिकारों की रक्षा के लिए अहम निर्देश जारी किए।
श्रमिकों के कल्याण के लिए अहम फैसलों का ऐलान
प्रशासन ने सभी फैक्टरियों को निर्देश दिया है कि वे श्रमिक कल्याण से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इन निर्देशों में शामिल हैं:
-सामान्य दर से दोगुनी दर पर ओवरटाइम का भुगतान, बिना किसी कटौती के
-सभी श्रमिकों के लिए हफ्ते में एक दिन की छुट्टी अनिवार्य
-यदि श्रमिकों को रविवार को काम पर बुलाया जाता है, तो उन्हें दोगुनी मजदूरी दी जाएगी
-नियमों के अनुसार, 30 नवंबर तक बोनस की राशि बैंक खातों में जमा की जाएगी
-यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए सभी कार्यस्थलों पर 'आंतरिक शिकायत समितियों' का गठन, जिनकी अध्यक्षता महिलाएं करेंगी
-हर फैक्टरी में शिकायत पेटियों की स्थापना
-हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान
-सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची (Salary Slip) देना अनिवार्य
श्रमिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
श्रमिकों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए, जिला प्रशासन ने एक 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। श्रमिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं या निम्नलिखित नंबरों पर सहायता मांग सकते हैं:
-120-2978231
-120-2978232
-120-2978862
-120-2978702
अधिकारियों ने बताया कि यह कंट्रोल रूम समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद करेगा और श्रमिकों तथा अधिकारियों के बीच संवाद को बेहतर बनाएगा।
पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ तैनात
अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों ने एक पुलिस वाहन पर भी हमला किया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर भारी बल के साथ तैनात हैं, वहीं श्रमिक भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है और उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है। मिश्र के अनुसार श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई इनका नेतृत्व नहीं कर रहा है, इस वजह से श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
नोएडा डीएम की अपील
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को वाहनों का मार्ग बदलना पड़ा और सुबह के समय दफ्तर जाते हुए लोग देर तक जाम से जूझते नजर आए।
एक औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी ललित ठुकराल ने आरोप लगाया कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है और कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है, इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।
जिलाधिकारी रूपम ने कहा कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन के दिशानिर्देश के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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