शिक्षा के मामले में 27वें नंबर से सीधे नंबर-1 बना पंजाब; नीति आयोग की रिपोर्ट में सरकारी स्कूलों ने केरल को भी पछाड़ा

Punjab: नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 के अनुसार पंजाब देश का नंबर-1 राज्य बन गया है। अकाली राज में 22वें और कांग्रेस राज में 27वें स्थान पर रहने वाले पंजाब ने अब स्कूली शिक्षा में केरल और दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है।

Punjab: नीति आयोग द्वारा जारी शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान (रैंक-1) हासिल कर लिया है। यह रैंकिंग इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि एक समय पंजाब के सरकारी स्कूल देश के सबसे पिछड़े पायदानों पर गिने जाते थे। साल 2016-17 में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में 22वें स्थान पर था। इसके बाद साल 2018-19 में यह 26वें और 2020 तक आते-आते फिसलकर 27वें स्थान पर पहुंच गया था। लेकिन साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बनने के बाद, महज 4 सालों के भीतर पंजाब ने 27वें पायदान से सीधे नंबर-1 तक का सफर तय किया है।

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नीति आयोग की रिपोर्ट में केरल-दिल्ली पिछड़े

आंकड़ों की जुबानी: केरल से बहुत आगे निकला पंजाब

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, बुनियादी शिक्षाके मामले में पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने दक्षिण के राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट बताती है कि तीसरी कक्षा के भाषा स्तर में पंजाब के बच्चों ने 82 प्रतिशत दक्षता हासिल की है, जबकि केरल 75 प्रतिशत पर रहा। गणित में पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि केरल 70 प्रतिशत पर रहा। नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब का प्रदर्शन 52 प्रतिशत रहा, जबकि केरल केवल 45 प्रतिशत तक पहुंच पाया। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

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