प्याज जब कटता है तो काटने वाले की आंखों से आंसू आते हैं और आसपास बैठे लोगों को भी यह रुलाता है। महाराष्ट्र के नासिक (Nashik) जिले को एशिया का सबसे ज्यादा प्याज उगाने वाले जिले के तौर पर जाना जाता है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में प्याज के दाम तेजी से गिरे हैं, जिससे किसान काफी परेशान हैं।
नासिक में प्याज किसानों का प्रददर्शन
प्याज के दाम गिरने से परेशान किसानों ने नासिक-मुंबई हाईवे पर चांदवड़ में प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए हाईवे पर जाम लगा दिया। पिछले दो महीने में जिस तरह से प्याज के दाम गिरे हैं, उससे प्याज किसान बड़े संकट में हैं। किसानों में गुस्सा है और उनका कहना है कि उन्हें उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए राज्य व केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए।
आज यानी मंगलवार 26 मई को किसानों के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने प्याज के दाम 1580 रुपये प्रति क्विंटल करने का ऐला नकिया है। लेकिन इसका भी कोई असर हो नहीं रहा है। यही कारण है कि महाविकास अघाड़ी के नेता भी किसानों के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं और जाम लगा दिया है। हर किसी की यही मांग है कि किसानों को न्यूनतम दाम तो मिले।
प्याज उगाने वाले किसान, महाविकास अघाड़ी के नेता MLA रोहित पवार, MLA अंबादास दानवे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, नासिक के MP राजाभाऊ वाजे, डिंडोरी के सांसद भास्कर भागरे भी इस प्रदर्शन में मौजूद थे। यहां मुंबई-आगरा हाईवे जाम होने के कारण यहां से आने-जाने वालों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
नेताओं का कहना है कि सरकार ने जो दाम घोषित किए हैं, वे प्याज के प्राइस लेवल का एक परसेंट हैं। उनका कहना है कि यह ज्यादा से ज्यादा दो लाख टन प्याज पर लागू होगा। जबकि प्याज का कुल प्रोडक्शन 170 लाख टन है। इसलिए केंद्र सरकार ने जो कीमत बताई है, वह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
