Sheena Bora: आईएनएक्स मीडिया की पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) ने अपने उस दावे को दोहराया है कि उसकी मृत बेटी शीना बोरा जिंदा है। इंद्राणी मुखर्जी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं। इंद्राणी ने दावा किया कि गुवाहाटी हवाई अड्डे (Guwahati Airport) पर दो वकीलों ने गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे शीना बोरा को देखा था। इसके साथ ही इंद्राणी मुखर्जी ने एयरपोर्ट का CCTV फुटेज हासिल करने का अदालत से अनुरोध किया। याचिका के साथ उन वकीलों का हलफनामा संलग्न है, जिन्होंने दावा किया था कि उन्होंने गुरुवार सुबह बोरा जैसी महिला को एयरपोर्ट पर देखा था।
इंद्राणी मुखर्जी और शीना बोरा
कोर्ट का किया रूख
मुखर्जी के वकील रंजीत सांगले ने शुक्रवार को एक याचिका दायर कर निचली अदालत से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को गुवाहाटी हवाईअड्डे के सीसीटीवी कैमरा फुटेज हासिल करने का निर्देश देने का आग्रह किया। सांगले ने वकीलों के हलफनामे संलग्न किए, जिन्होंने गुवाहाटी हवाईअड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान शीना को देखने और उसका वीडियो रिकॉर्ड करने का दावा किया था।
पहले भी कर चुकी है ऐसा ही दावा
यह पहली बार नहीं है जब मुखर्जी ने शीना के जिंदा होने का दावा किया है। दिसंबर 2021 में, उसने इस दावे के साथ सीबीआई से संपर्क किया था कि शीना को कश्मीर में एक महिला पुलिस अधिकारी ने देखा था, जिसे जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और भायखला जेल में रखा गया था। इंद्राणी को भी जमानत पर रिहा होने से पहले भाखयाला जेल में रखा गया था। इंद्राणी के मुताबिक, एक अन्य कैदी ने उन्हें बताया था कि पुलिस अधिकारी ने 24 जून, 2021 को शीना को डल झील पर देखा था। इंद्राणी ने तब सीबीआई से दावे की जांच करने का आग्रह किया था।
बेटी की हत्या का है आरोप
इंद्राणी ने हमेशा कहा है कि शीना की हत्या नहीं की गई है और वह जीवित है और 2012 में अपनी शिक्षा के लिए विदेश चली गई थी, हालांकि इंद्राणी अपने दावों को किसी भी तरह से साबित नहीं कर सकी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इंद्राणी मुखर्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय ने 24 अप्रैल, 2012 को मुंबई में एक कार में इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की उसके पहले साथी से कथित रूप से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उन्होंने अगले दिन उसका शव पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में कथित तौर पर जला दिया गया था। राय को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद 2015 में कथित हत्या का मामला सामने आया था।
कथित तौर पर साजिश का हिस्सा होने के मामले में इंद्राणी मुखर्जी के पति एवं पूर्व मीडिया बैरन पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2020 में बम्बई उच्च न्यायालय ने पीटर मुखर्जी को जमानत दे दी थी, जबकि इंद्राणी मुखर्जी को शीर्ष अदालत से पिछले साल मई में राहत मिली थी।
